नईदिल्ली (16 जुलाई 24)। जम्मू एवं कश्मीर के डोडा में मुठभेड़ में शहीद हुए कैप्टन बृजेश थापा के पिता कर्नल भुवनेश थापा (सेवानिवृत्त) ने अपने बेटे को याद करते हुए कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि उनके बेटे ने देश और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए कुछ किया है। एएनआई से बात करते हुए कर्नल भुवनेश थापा (सेवानिवृत्त) ने मंगलवार को कहा कि सरकार आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
कैप्टन बृजेश थापा के पिता ने कहा, 'जब मुझे बताया गया कि वह अब नहीं रहे तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ। वह बचपन से ही भारतीय सेना में शामिल होना चाहता था। वह मेरी तरह ही सेना की पोशाक पहनकर घूमता था।' इंजीनियरिंग करने के बाद भी वह सेना में जाना चाहता था। उसने एक बार में ही परीक्षा पास कर ली और सेना में भर्ती हो गया। मुझे गर्व है कि मेरे बेटे ने देश और देश की सुरक्षा के लिए कुछ किया है। उन्होंने कहा, 'दुख की बात केवल यह है कि हम उनसे दोबारा नहीं मिल पाएंगे, अन्यथा मुझे खुशी है कि उन्होंने अपने देश के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया।'
कैप्टन थापा की मां नीलिमा थापा ने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है, जिसने देश के लिए अपना बलिदान दिया। कैप्टन की मां ने बताया, 'वह हमारे पास वापस नहीं आएगा। रात 11 बजे हमें खबर मिली। वह बहुत ही अच्छा लड़का था। वह हमेशा से सेना में शामिल होना चाहता था। हम उन्हें बताया करते थे कि सेना में जीवन कठिन है। मुझे अपने बेटे पर बहुत गर्व है जिसने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। सरकार कार्रवाई करेगी। दुर्भाग्य से हमने अपना बेटा खो दिया।'
कैप्टन थापा के माता-पिता दार्जिलिंग में रहते हैं। बताया गया कि वह 5 साल पहले सेना में शामिल हुआ था। उसका जन्म और पालन-पोषण सेना के इलाकों में हुआ था। वह अविवाहित था। उसके पिता सेना में कर्नल हैं। हमें उम्मीद है कि कल तक शव सौंप दिया जाएगा।' उन्होंने कहा, 'यह कहना आसान है कि उन्होंने देश के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया, लेकिन एक परिवार के रूप में हमें जो क्षति हुई है, उसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती।'