Monday, 28 Sep 2026

'मध्यप्रदेश माइनिंग कॉन्क्लेव-2024' आज से

भोपाल (17 अक्टूबर 24)। खनन क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने और आधुनिकतम तकनीकों का समावेश कर राज्य की खनिज संपदा का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 'मध्यप्रदेश माइनिंग कॉन्क्लेव-2024' का आयोजन किया जा रहा है। दो दिवसीय कॉनक्लेव 17 और 18 अक्टूबर 2024 को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में होगी। मध्यप्रदेश माइनिंग कॉन्क्लेव-2024 का उद्देश्य राज्य की खनन क्षमता को तकनीकी नवाचारों और सतत निवेश के माध्यम से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।

मुख्य सचिव अनुराग जैन कॉन्क्लेव में की-नोट संबोधन देंगे और मध्यप्रदेश के खनिज संसाधन पर केन्द्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ करेंगे। कॉन्क्लेव के प्रारंभिक सत्र में खनिज संसाधन, निवेश के अवसरों, पेट्रोलियम और हाइड्रोकार्बन क्षेत्र की संभावनाओं पर प्रस्तुति दी जाएगी। इसके बाद तकनीकी-सत्रों में खनन सुरक्षा, स्मार्ट तकनीक, डिजिटलाइजेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) के उपयोग पर चर्चाएं होंगी। ड्रोन तकनीक और खदानों के डिजिटल समाधान पर भी विशेषज्ञों द्वारा चर्चा की जाएगी। रणनीतिक-सत्रों में कोयला, ऊर्जा, चूना पत्थर, सीमेंट उद्योग, मिनरल-बेनेफ़िकेशन और एम-सैंड जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा।

प्रारंभिक सत्र में प्रमुख सचिव, खनिज संसाधन संजयकुमार शुक्ला 'मध्यप्रदेश माइनिंग कॉन्क्लेव 2024' पर शुभारंभ संबोधन देंगे। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग राघवेन्द्र कुमार सिंह द्वारा मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर प्रस्तुति दी जाएगी। हाइड्रोकार्बन महानिदेशक, भारत सरकार, डॉ. पल्लवी जैन गोविल, पेट्रोलियम और हाइड्रोकार्बन क्षेत्र की संभावनाओं पर चर्चा करेंगी। डेलॉयट के पार्टनर रजिब मैत्रा मध्यप्रदेश में खनिज क्षमता के उपयोग पर अपनी प्रस्तुति देंगे।

तकनीकी-सत्रों में आईआईटी हैदराबाद के विक्रम केवाई स्मार्ट तकनीक और माइन सेफ्टी पर चर्चा करेंगे। खनन क्षेत्र में डिजिटलाइजेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) के उपयोग पर विमर्श किया जायेगा। ड्रोन तकनीक, रिमोट मॉनिटरिंग, माइनिंग टेक्नोलॉजी में स्टार्ट-अप के लिये अवसर तथा खुली और भूमिगत खदानों के लिए डिजिटल समाधान पर विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण प्रस्तुति होगी। रणनीतिक और तकनीकी-सत्रों में कोयला और ऊर्जा, चूना पत्थर और सीमेंट उद्योग, खनिज लाभकारीकरण (मिनरल बेनेफिशिएशन) और एम-सैंड एवं रेडी-मिक्स कंक्रीट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। साथ ही राज्य सरकार की पहल और भारत में महत्वपूर्ण खनिज अन्वेषण परिदृश्य पर जानकारी प्रदान की जायेगी। ऊर्जा और हाइड्रोकार्बन क्षेत्र की संभावनाओं और चुनौतियों पर विचार-विमर्श होगा। बायर-सेलर मीट से खनिज क्षेत्र में अवसरों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जायेगा।


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