नईदिल्ली (23 फरवरी 25)। रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 119वें एपिसोड को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की सराहना करते हुए कहा कि इसने अंतरिक्ष में शतक पूरा कर लिया है। पिछले महीने देश ने इसरो का 100वां रॉकेट लॉन्च होते देखा। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे कम से कम एक दिन के लिए वैज्ञानिक बनें तथा विज्ञान से संबंधित केंद्रों का दौरा करें।
पीएम मोदी ने कहा, इन दिनों चैंपियंस ट्रॉफी चल रही है और हर किसी के लिए क्रिकेट का माहौल है। क्रिकेट में शतक का रोमांच हम सभी जानते हैं। लेकिन आज मैं क्रिकेट की बात नहीं करने जा रहा हूं, बल्कि मैं अंतरिक्ष में भारत द्वारा लगाए गए अद्भुत शतक की बात करूंगा। पिछले महीने देश इसरो के 100वें रॉकेट लॉन्च का गवाह बना। यह सिर्फ एक संख्या नहीं है, बल्कि यह अंतरिक्ष विज्ञान में नित नई ऊंचाइयों को छूने के हमारे संकल्प को दर्शाता है। हमारी अंतरिक्ष यात्रा बहुत ही सामान्य तरीके से शुरू हुई। हर कदम पर चुनौतियां थीं, लेकिन हमारे वैज्ञानिक उन पर विजय प्राप्त करते हुए आगे बढ़ते रहे।' प्रधानमंत्री ने कहा, 'समय के साथ अंतरिक्ष उड़ानों में हमारी उपलब्धियों की सूची लगातार लंबी होती जा रही है। चाहे वह प्रक्षेपण यान का निर्माण हो, चंद्रयान, मंगलयान और आदित्य एल-1 की सफलता हो या फिर एक ही रॉकेट से एक साथ 104 उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने का अभूतपूर्व मिशन हो। इसरो की सफलता का दायरा काफी बड़ा रहा है। पिछले 10 वर्षों में करीब 460 उपग्रह प्रक्षेपित किए गए हैं, जिनमें अन्य देशों के भी कई उपग्रह शामिल हैं।'