पटना (17 मार्च 25)। बिहार जनता दल यूनाईटेड अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने राष्ट्रीय जनता दल पर हमला बोला और कहा कि कानून-व्यवस्था पर अनावश्यक गाल बजाने से पहले लालू परिवार को अपने राजनीतिक गिरेबान में झांकना चाहिए।
कुशवाहा ने रविवार को कहा कि यह राजनीति का सबसे बड़ा दुर्भाग्य है कि जो खुद सत्ता में रहते हुए अपहरण उद्योग चलाते थे, वे अब सुशासन पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि राजद के शासनकाल में अपराधियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त था। अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए लालू परिवार उन्हें खाद-पानी देकर बढ़ावा देता था, लेकिन अब ऐसे असमाजिक तत्वों पर कानून का डंडा चल रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में कानून का राज स्थापित है, और जो भी इसे चुनौती देगा, उसे अपने किए का कड़ा परिणाम भुगतना पड़ेगा।
जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि लालू-राबड़ी शासनकाल में कई भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों को अपराधियों ने निशाना बनाया और जिसके कई उदाहरण भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में फैली अराजकता और ध्वस्त कानून व्यवस्था को देखते हुए पटना उच्च न्यायालय ने तत्कालीन शासन को ‘जंगलराज' करार दिया था। कुशवाहा ने कहा कि वर्ष 1990 से 2005 के बीच का दौर बिहार की जनता कभी नहीं भूल सकती। लालू-राबड़ी सरकार की गलत नीतियों के कारण राज्य में उद्योग-धंधे बंद हो गए, व्यापार ठप पड़ गया और रोजगार के अवसर खत्म हो गए। चूंकि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वह अनर्गल और भ्रामक बातें फैलाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।