Sunday, 04 Oct 2026

'सुख चैन से जियो, रोटी खाओ वरना मेरी गोली तो है ही... ': मोदी

भुज (26 मई 25)। गुजरात के भुज से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद पर सीधा हमला बोला और पाकिस्तान को खुली चेतावनी दे डाली। एक जनसभा में गरजते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, 'सुख चैन से जियो, रोटी खाओ वरना मेरी गोली तो है ही...'। इस एक वाक्य में वो सख्ती झलकती है जो भारत की आतंक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति की पहचान बन चुकी है। भुज की धरती से उठी इस हुंकार में सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि उस ऑपरेशन सिंदूर की गूंज थी, जिसे प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के अंत का मिशन बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के भुज में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ तीखा हमला बोला। उन्होंने साफ कहा कि भारत टूरिज्म को बढ़ावा देता है, जबकि पाकिस्तान टेररिज्म को टूरिज्म समझता है। मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर को आतंक के अंत का मिशन बताया और कहा कि अब भारत आतंकवाद के खिलाफ ,जीरो टॉलरेंस, नीति पर मजबूती से कायम है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ,भारत टूरिज्म पर विश्वास करता है क्योंकि यह लोगों को जोड़ता है और वैश्विक मित्रता को मजबूत करता है। वहीं पाकिस्तान टेररिज्म को टूरिज्म समझ बैठा है। यही वजह है कि वह खुद भी बर्बाद हो रहा है और दूसरों को भी नुकसान पहुंचा रहा है।, उन्होंने कहा कि आतंकवाद अब न केवल क्षेत्रीय खतरा है बल्कि पूरी दुनिया के लिए चुनौती बन चुका है। PM मोदी ने गर्व के साथ कहा कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद को जड़ से खत्म करने का अभियान है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान जब लगातार चुप बैठा रहा और कार्रवाई से बचता रहा तब भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक जैसे कदम उठाकर आतंक के ठिकानों को सैकड़ों किलोमीटर दूर जाकर तबाह किया। उन्होंने यह भी कहा कि 22 मई के बाद उन्होंने सेना को पूरी छूट दी और फिर क्या हुआ, वह पूरी दुनिया ने देखा। प्रधानमंत्री मोदी ने बेहद सख्त लहजे में पाकिस्तान को चेतावनी दी। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान को अब तय करना है कि वह अपने बच्चों के भविष्य के लिए क्या चाहता है – विकास या विनाश। हमने पाकिस्तान को समझाने की कोशिश की, पर अब अगर कोई भारत की ओर आंख उठाएगा तो उसका अंजाम बुरा होगा।' उन्होंने यह भी कहा, 'जो हमारा खून बहाएगा, उसे उसी की भाषा में जवाब मिलेगा।'

कच्छ के विकास की बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय था जब यहां के नेताओं की भाषण की शुरुआत और अंत पाकिस्तान से होती थी। लेकिन 2001 में उन्होंने ठान लिया कि वे समय पाकिस्तान को कोसने में नहीं गंवाएंगे, बल्कि कच्छ की ताकत और सामर्थ्य को दुनिया के सामने रखेंगे। उन्होंने कहा, 'हमने ऐसा कच्छ खड़ा किया है, जिसे देखकर दुश्मन जलते हैं।' भुज की धरती से जुड़ी 1971 की लड़ाई का जिक्र करते हुए PM मोदी ने कहा कि उस समय पाक सेना ने भुज एयरबेस पर हमला किया था लेकिन यहां की वीरांगनाओं ने मोर्चा संभाल लिया था। उन्होंने कहा, 'हमारी सेना ने ऐसा जवाब दिया कि आज भी पाकिस्तान के एयरबेस आईसीयू में हैं।'

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