भोपाल (13 सितंबर 26)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में सदैव मानवाधिकार आयोग का ध्येय वाक्य 'हम सब बराबर, बराबर हमारे अधिकार' चरितार्थ होता रहा है। हमारे वेद वाक्य में यत् पिंडे तत् ब्रह्मांडे अर्थात् जैसे मुझ में है, वैसा ही ब्रह्मांड में है, का भाव समाहित है। हमने सदैव प्रकृति सहित सभी के साथ यही भाव रखा है। सनातन संस्कृति में मनुष्य योनि को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। हमारे पुण्य कर्म मानव जाति के कल्याण के लिए हमें प्रेरित करते हैं। प्रसन्नता और गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग पिछले तीन दशकों से अपने ध्येय वाक्य को चरितार्थ कर रहा है। यह वाक्य हमारे लोकतंत्र की उस मूलभावना का प्रतीक है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को समान गरिमा, समान अधिकार और न्याय का समान अवसर प्राप्त हो। मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग की तीन दशकों की यात्रा मानवाधिकारों के संरक्षण, संवर्धन और मानवीय गरिमा की रक्षा के लिए समर्पित रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग के 32वें स्थापना दिवस पर प्रशासन अकादमी आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। डॉ. यादव ने समारोह में स्मारिका, आयोग के त्रैमासिक न्यूज लेटर और आयोग की डायरी का विमोचन भी किया। मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग द्वारा इस अवसर पर अनुसूचित जनजाति वर्ग के मानवाधिकारों के संरक्षण और शासकीय योजनाओं की उन तक पहुंच विषय पर संगोष्ठी भी आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मिशन कर्मयोगी अंतर्गत श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। चिन्हित कुल 27 पुरस्कारों में से आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 09 अधिकारि/कर्मचारी/कार्यालयों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। इनमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले चंबल संभाग के संभागीय उपायुक्त बृजेश चन्द्र पाण्डेय, उज्जैन संभाग के संभागीय उपायुक्त गणेश भांवर शामिल हैं। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिले में बड़वानी की सहायक आयुक्त रंजना सिंह, जिला डिंडोरी के सहायक आयुक्त राजेंद्र कुमार जाटव तथा जिला झाबुआ की सहायक आयुक्त सुचित्रा बिसेन शामिल रहे। व्यक्तिगत रूप से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली साक्षी नरवरिया, शीघ्रलेखक, कामिनी कुपासिया, डाटा एंट्री ऑपरेटर और रामदयाल चौधरी, निज सहायक शामिल हैं।