नईदिल्ली (23 मई 26)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने हाल ही में चर्चा में आई सोशल मीडिया मुहिम 'Cockroach Janata Party' (CJP) का पुरजोर बचाव किया है। शुक्रवार को उन्होंने इस आंदोलन को पाकिस्तानी साजिश बताने वाले दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे 'बेहद बचकाना और सीधा-साधा' तर्क करार दिया। थरूर ने जोर देकर कहा कि इस मुहिम से जुड़ने वाले अधिकांश लोग भारतीय युवा हैं, न कि विदेशी।
मुहिम के संस्थापक अभिजीत दिपके के दावों का हवाला देते हुए शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा की। उन्होंने बताया कि इस आंदोलन के लगभग 94% फॉलोअर्स भारत में ही मौजूद हैं। थरूर के अनुसार, यह आंकड़ा साफ तौर पर दर्शाता है कि यह आंदोलन देश के युवाओं के बीच वास्तविक जनभावना और उनके भीतर पनप रहे असंतोष को बयां करता है। शशि थरूर ने लोकतांत्रिक मूल्यों की वकालत करते हुए कहा कि लोकतंत्र में व्यंग्य या असहमति की आवाज़ों को दबाया नहीं जाना चाहिए, भले ही उनका रूप थोड़ा उकसाने वाला ही क्यों न हो। शशि थरूर ने अपना बयान देते हुए कहा कि 'सच्चाई जो भी हो (और शायद इंस्टाग्राम को इस पर स्थिति साफ करनी चाहिए), मेरा मानना है कि लोकतंत्र में ऐसी आवाज़ों को दबाना मूर्खता है। लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबी यही है कि यह जनता की भावनाओं, हताशा और शिकायतों को बाहर निकालने का मंच देता है। किसी व्यंग्यात्मक पेज पर इस गुस्से को बाहर आने देना वास्तव में 'राष्ट्रहित' में है।' थरूर ने इस मुहिम की तुलना प्रेशर कुकर के वाल्व से करते हुए चेतावनी दी कि यदि गुस्से को बाहर निकलने का रास्ता (वाल्व) नहीं मिला, तो दबाव के कारण कुकर फट सकता है। उन्होंने कहा, 'मैं अराजकता, क्रांति या अव्यवस्था के मुकाबले व्यंग्य और हास्य को ज्यादा पसंद करता हूं।'
कांग्रेस सांसद ने केंद्र सरकार और विपक्ष दोनों को आगाह किया कि वे देश के युवाओं के इस छिपे हुए आक्रोश को नजरअंदाज न करें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के संरक्षकों के रूप में दोनों पक्षों को बैठकर युवाओं की समस्याओं और उनके असंतोष को सुनना होगा। इसे नकारना या दबाना देश के भविष्य के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है।