Tuesday, 29 Sep 2026

अंग्रेजी सीखने भारत आए जापानी को मिली जेल

बेंगलुरु (25 अगस्त 26)। भारत  में अंग्रेजी सीखने आए एक जापानी नागरिक को 2019 में 19 दिनों तक जेल में रहना पड़ा। करीब सात साल तक चली कानूनी लड़ाई के बाद कर्नाटक राज्य मानवाधिकार आयोग ने उसकी हिरासत को अनावश्यक माना और कर्नाटक सरकार को 75 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। आयोग ने जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। जापानी नागरिक हिरोतोशी तनाका 2019 में अंग्रेजी सीखने के लिए बेंगलुरु आया था। वह एक निजी अकादमी में पढ़ाई कर रहा था। इसी दौरान संस्थान में कक्षाएं नियमित रूप से नहीं होने को लेकर तनाका और संस्थान के निदेशक के बीच विवाद हो गया। मामला आगे बढ़ा और दोनों के बीच झड़प भी हुई।

इसके बाद पुलिस ने तनाका के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तनाका के खिलाफ आपराधिक धमकी और जानबूझकर चोट पहुंचाने जैसी धाराएं लगाईं। ये धाराएं जमानती अपराधों से संबंधित थीं। इसके बावजूद तनाका को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया और वह बेंगलुरु सेंट्रल जेल में 19 दिन रहा। बाद में उसे एक डिटेंशन सेंटर भेजा गया और 2021 में भारत से जापान वापस भेज दिया गया। भारत से जापान भेजे जाने के बाद भी तनाका ने मामले को खत्म नहीं किया। उसने कर्नाटक राज्य मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया और जापान से ही इस मामले को आगे बढ़ाता रहा। करीब सात साल की कानूनी प्रक्रिया के बाद आयोग ने मामले में फैसला सुनाया।  

KSHRC ने पाया कि तनाका को उन आरोपों में अनावश्यक न्यायिक हिरासत में रखा गया, जिनमें जमानत का प्रावधान था। आयोग ने कर्नाटक सरकार को तनाका को 75,000 रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया। इसके साथ ही मामले के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का भी आदेश दिया गया। तनाका ने बताया कि उन्हें मुआवजे की राशि उनके भारतीय वकील के जरिए मिली। उन्होंने कहा कि उनके वकील को 22 जून को पुलिस की ओर से 75 हजार रुपये मिले और अगले दिन यानी 23 जून को वकील ने यह रकम उनकी भारतीय पत्नी के खाते में ट्रांसफर कर दी। तनाका ने बताया कि उनके अपने बैंक खाते में भारतीय रुपये में लेनदेन की सुविधा नहीं थी। इसलिए मुआवजे की रकम उनकी पत्नी के बैंक खाते के जरिए भेजी गई।

Tags:

Follow us

This question is not available..!