नईदिल्ली (27 मई 24)। आजकल जालसाज भारतीय नागरिकों को भारतीय मोबाइल नंबर प्रदर्शित कर अंतर्राष्ट्रीय फर्जी कॉल कर रहे हैं और साइबर अपराध तथा वित्तीय धोखाधड़ी कर रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि ये कॉल भारत के भीतर से की जा रही हैं, लेकिन ये कॉलिंग लाइन आइडेंटिटी (सीएलआई) में हेरफेर करके विदेश से साइबर अपराधियों द्वारा की जा रही हैं। फर्जी डिजिटल गिरफ्तारियों, फेडएक्स घोटालों, कूरियर में ड्रग्स/नशीले पदार्थों, सरकारी और पुलिस अधिकारियों के वेष में, दूरसंचार विभाग /ट्राई अधिकारियों द्वारा मोबाइल नंबरों को डिस्कनेक्ट करने आदि के हालिया मामलों में इस तरह की अंतर्राष्ट्रीय जाली कॉलों का दुरुपयोग किया गया है। इसलिए, दूरसंचार विभाग (डीओटी) और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) ने ऐसी आने वाली अंतर्राष्ट्रीय जाली कॉलों की पहचान करने और उन्हें किसी भी भारतीय दूरसंचार ग्राहक तक पहुंचने से रोकने के लिए एक प्रणाली तैयार की है। अब ऐसी आने वाली अंतर्राष्ट्रीय जाली कॉल को ब्लॉक करने के लिए टीएसपी को निर्देश जारी किए गए हैं।