अंबाला (23 अगस्त 26)। हरियाणा के अंबाला में में 1857 के विद्रोह के वीरों को समर्पित भव्य स्मारक बनकर तैयार है, लेकिन इसके दरवाजे अभी आम जनता के लिए नहीं खुले हैं। राज्य सरकार अब इस परियोजना के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इंतजार कर रही है। हरियाणा सरकार द्वारा ‘आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक’ को अपनी तरह का एशिया का सबसे बड़ा स्मारक बताया गया है। यह परियोजना राज्य के ऊर्जा मंत्री अनिल विज से भी गहराई से जुड़ी हुई है। विज लंबे समय से इस परियोजना को आगे बढ़ाने की पैरवी करते रहे हैं। यह स्मारक अंबाला कैंट में बनाया गया है, जो विज का विधानसभा क्षेत्र है। विज हरियाणा विधानसभा में अंबाला कैंट का सातवीं बार प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और राज्य भाजपा के वरिष्ठतम नेताओं में शामिल हैं।
अनिल विज ने कहा, 'हम चाहते हैं कि शहीद स्मारक का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करें। इतने बड़े स्तर की परियोजना का उद्घाटन उनके जैसे बड़े नेता के हाथों होना चाहिए। उद्घाटन के बाद यह एशिया का सबसे बड़ा शहीद स्मारक होगा।'
अंबाला-दिल्ली जीटी रोड के किनारे करीब 22 एकड़ क्षेत्र में फैला यह स्मारक 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम को समर्पित है। मई में हरियाणा सरकार ने इसकी लागत करीब 700 करोड़ रुपये बताई थी। परिसर में बड़े स्तर की गैलरियां, आधुनिक तकनीक और ऐसे दृश्यात्मक इंस्टॉलेशन लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से 1857 के विद्रोह की घटनाओं, युद्धों और प्रमुख व्यक्तित्वों को प्रदर्शित किया गया है। आधुनिक तकनीक के जरिए दिखाई जाएगी 1857 की कहानी स्मारक के भीतर कहानी पारंपरिक प्रदर्शनियों से आगे बढ़ती है। यहां अंबाला, मेरठ, झांसी, कश्मीरी गेट सहित उन स्थानों से जुड़ी गैलरियां बनाई गई हैं, जिनका 1857 के विद्रोह में महत्वपूर्ण योगदान रहा। रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे जैसे वीरों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। एक विशेष श्रद्धांजलि क्षेत्र उन स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को समर्पित है, जिन्हें अधिकारियों के अनुसार पारंपरिक ऐतिहासिक विवरणों में पर्याप्त पहचान नहीं मिल सकी।
स्मारक में बाजारों, युद्धक्षेत्रों और जेल की कोठरियों के दृश्य दिखाए जाएंगे। इसके अलावा प्रोजेक्शन, जल एवं प्रकाश आधारित प्रस्तुतियां भी होंगी। हरियाणा सरकार के अनुसार परिसर में 210 फुट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज लगाने की योजना है, जो 206 फुट ऊंचे स्मारक टावर से भी अधिक ऊंचा होगा। स्मारक की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार परिसर में 23 गैलरियां, 360 डिग्री इमर्सिव प्रोजेक्शन और ड्युअल-स्क्रीन वाटर शो मौजूद हैं। हालांकि, इससे पहले सरकार की ओर से जारी विवरणों में 22 थीम आधारित गैलरियों का उल्लेख किया गया था। अधिकारियों के अनुसार अब स्मारक औपचारिक उद्घाटन का इंतजार कर रहा है।