चांदीपुर (07 अगस्त 26)। भारत ने अपनी सामरिक क्षमता को और मजबूत करते हुए ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण 6 अगस्त को स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड की निगरानी में किया गया। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि परीक्षण पूरी तरह सफल रहा और मिसाइल ने सभी निर्धारित ऑपरेशनल तथा तकनीकी मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया। अग्नि-4 भारत की रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता का अहम हिस्सा है और यह पहले से ही स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड के साथ ऑपरेशनल सेवा में शामिल है। इस सफल परीक्षण को भारत की विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल को 6 अगस्त को स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड की देखरेख में इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से लॉन्च किया गया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, लॉन्च ने सभी ऑपरेशनल और टेक्निकल पैमानों को सही साबित किया। अग्नि-4 की मारक क्षमता लगभग 4,000 किलोमीटर है और यह 1,000 किलोग्राम तक का पेलोड ले जा सकती है। यह भारत की अग्नि मिसाइल सीरीज़ का हिस्सा है, जो देश की स्ट्रैटेजिक डेटरेंस क्षमता का मुख्य हिस्सा है और पहले से ही SFC के साथ ऑपरेशनल सर्विस में है। इस लॉन्च ने सभी ऑपरेशनल और टेक्निकल पैमानों को सफलतापूर्वक साबित किया। अग्नि-4 एक सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है। इसकी मारक क्षमता लगभग 4,000 किलोमीटर है, जिससे यह लंबी दूरी पर स्थित रणनीतिक लक्ष्यों को निशाना बना सकती है। यह मिसाइल 1,000 किलोग्राम तक का पेलोड ले जाने में सक्षम है। करीब 20 मीटर लंबी यह मिसाइल अत्याधुनिक नेविगेशन और गाइडेंस प्रणाली से लैस है, जिससे लंबी दूरी पर भी सटीक निशाना साधने की क्षमता मिलती है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि आवश्यकता पड़ने पर ज़मीन या समुद्र से लॉन्च कर ज़मीन अथवा समुद्र में मौजूद लक्ष्यों पर प्रहार किया जा सके।
अग्नि-4, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा विकसित अग्नि मिसाइल श्रृंखला की चौथी मिसाइल है। यह श्रृंखला भारत की लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता का आधार मानी जाती है और देश की सामरिक सुरक्षा रणनीति में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। अग्नि-4 का परीक्षण स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड की देखरेख में किया गया। जो, भारत की न्यूक्लियर कमांड अथॉरिटी का प्रमुख परिचालन अंग है और देश की सामरिक एवं परमाणु हथियार प्रणाली के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालता है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, अग्नि-4 का सफल परीक्षण भारत की दीर्घ दूरी की मिसाइल क्षमता और सामरिक प्रतिरोधक शक्ति को और मजबूत करता है। यह परीक्षण इस बात का भी संकेत है कि भारत अपनी रणनीतिक रक्षा तैयारियों और स्वदेशी रक्षा तकनीक के विकास को लगातार आगे बढ़ा रहा है।