नईदिल्ली (16 दिसंबर 25)। देश में अचानक हो रही युवा मौतों को लेकर फैली चिंताओं और कोविड-19 वैक्सीन पर उठ रहे सवालों पर दिल्ली के AIIMS ने एक बड़ी राहत भरी रिपोर्ट जारी की है। AIIMS में एक साल की डिटेल स्टडी (ऑटोप्सी-बेस्ड ऑब्ज़र्वेशनल स्टडी) पूरी हुई है, जिसमें यह साफ हो गया है कि युवा वयस्कों की अचानक होने वाली मौतों का COVID-19 वैक्सीनेशन से कोई संबंध नहीं है। इस रिपोर्ट ने वैक्सीन की सुरक्षा की पुष्टि की है।
Indian Council of Medical Research के मुख्य जर्नल इंडियन जर्नल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित इस स्टडी का शीर्षक है, ‘युवा वयस्कों में अचानक मौत का बोझ: भारत में एक टर्शियरी केयर सेंटर में एक साल की ऑब्ज़र्वेशनल स्टडी’। रिसर्च में युवा वयस्कों की अचानक मौत की घटनाओं की विस्तृत जांच की गई। एक्सपर्ट्स की एक मल्टीडिसिप्लिनरी टीम ने वर्बल ऑटोप्सी, पोस्ट-मॉर्टम इमेजिंग और हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच जैसे तरीकों का इस्तेमाल किया। स्टडी के अनुसार युवा आबादी में अचानक मौत का सबसे आम कारण Cardiovascular system से जुड़ा हुआ पाया गया, जिसमें अंदरूनी Coronary artery disease मुख्य है। इसके बाद सांस से जुड़े कारण और अन्य Non-cardiac स्वास्थ्य समस्याएं थीं। स्टडी ने साफ तौर पर कहा कि COVID-19 वैक्सीनेशन की स्थिति और युवा आबादी में अचानक होने वाली मौतों के बीच कोई सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण संबंध नहीं मिला। कोविड-19 बीमारी का इतिहास और वैक्सीनेशन की स्थिति युवाओं और बुजुर्गों, दोनों ग्रुपों में समान पाई गई, जिससे कोई कारण-संबंध साबित नहीं हुआ।