Wednesday, 07 Oct 2026

अटलजी ने रखी आधुनिक भारत की आधारशिला: उप राष्ट्रपति

इंदौर (21 दिसंबर 25)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा है कि स्व. अटलजी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार और मिशन थे। उनके कर्म, आदर्श और सुशासन की दृष्टि आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक प्रकाश हैं। वे रविवार को इंदौर में आयोजित भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्व. अटल जी का जीवन ऐसे ग्रंथ की भाँति था, जिसका प्रत्येक पृष्ठ नैतिकता, उत्कृष्टता और राष्ट्रधर्म की राह दिखाता है। स्व. अटल जी केवल राजनेता नहीं थे, बल्कि वे कवि, चिंतक, अद्भुत नेतृत्व गुणों से संपन्न, विनम्र, संवेदनशील और स्वाभिमानी राष्ट्रभक्त थे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्व. अटलजी का जीवन विचारों की दृढ़ता, राष्ट्रधर्म और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटूट समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उनका व्यक्तित्व ऐसा था जिसने हर काल और हर युग में भारतीय राजनीति को दिशा दी। उनकी राजनीतिक यात्रा भारतीय लोकतंत्र की प्रेरक गाथा है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जन्म जयंती वर्ष के अवसर पर इंदौर में ‘शून्य से शतक’ कार्यक्रम का गरिमामय रूप से आयोजन किया गया। इस गरिमामय समारोह में देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, राज्यपाल मंगुभाई पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चार प्रतिष्ठित विद्वानों को ‘अटल अलंकरण’ से अलंकृत किया।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि मां अहिल्या की पावन धरती पर आकर उन्हें विशेष प्रसन्नता है। उन्होंने अटल फाउंडेशन के मंच से स्व. अटल जी के जीवन, व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि स्व. अटल जी संवाद, समावेशी विकास और मानवीय सुशासन में विश्वास रखते थे। सांसद, कवि और प्रधानमंत्री, हर भूमिका में उन्होंने सार्वजनिक विमर्श को गरिमा दी और सिद्ध किया कि राजनीति सिद्धांतनिष्ठ और करुणामय हो सकती है। उन्होंने अटल सरकार की प्रमुख उपलब्धियों प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, दिल्ली मेट्रो, नए राज्यों का गठन (झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड) तथा पोखरण परमाणु परीक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने आधुनिक भारत की नींव मजबूत की। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि स्व. अटल जी की विरासत को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगे बढ़ा रहे हैं और देश को विकसित भारत–2047 के लक्ष्य की ओर दृढ़ता से अग्रसर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्व. अटल जी भले हमारे बीच शारीरिक रूप से न हों, लेकिन उनके आदर्श सदैव हमारे हृदयों में जीवित रहेंगे और राष्ट्र को दिशा देते रहेंगे। 

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