उज्जैन (30 जुलाई 26)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन स्थित सांदीपनि आश्रम अत्यंत गौरवशाली और अद्वितीय है। लगभग 5100 वर्ष पूर्व स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने इसी पावन स्थल पर महर्षि सांदीपनि से विद्या ग्रहण की थी। भगवान श्रीकृष्ण से शिक्षा प्राप्त कर जगद्गुरु की उपाधि से विभूषित हुए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर उज्जैन के प्रमुख देवस्थानों के विकास कार्यों का शुभारंभ हो रहा है, जिसमें शहर को गीता भवन की बड़ी सौगात भी मिल रही है। उन्होंने कहा कि आज गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर हम सभी गुरुओं का सम्मान कर अपने जीवन को धन्य करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर उज्जैन स्थित ऐतिहासिक महर्षि सांदीपनि आश्रम पहुंचकर पूजन-अर्चन और आरती की। पूजा-अर्चना पं. कीर्ति रूपम व्यास एवं श्री राहुल व्यास के द्वारा संपन्न कराई गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपनी स्वरचित पुस्तक 'महर्षि सांदीपनि: भारतीय गुरुकुल परंपरा के शिल्पी' की प्रति महर्षि सांदीपनि की प्रतिमा के समक्ष अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आश्रम परिसर में स्थित अति प्राचीन श्री कुंडेश्वर महादेव और श्री सर्वेश्वर महादेव मंदिर में भी दर्शन-पूजन किया। आश्रम के मुख्य पुजारी परिवार द्वारा मुख्यमंत्री का अंगवस्त्रम् ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत-सम्मान किया गया।
इस गरिमामय आयोजन में जन प्रतिनिधियों और रविदास समाज के प्रमुख लोगों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल, महापौर मुकेश टटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी और उपाध्यक्ष मुकेश यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जटिया सहित रविदास समाज के संभागीय अध्यक्ष मनोहर सुरेश कुसुमारिया, विजेंद्र चौहान, कमल हनोतिया, कमलकांत राजोरिया, विक्रम परमार, रितेश जटिया, अंबाराम चौहान, प्रशासनिक अधिकारी एवं भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।