Wednesday, 30 Sep 2026

अफगान ने पाक सीमा पार कर आए 40 लड़ाके मारे

काबुल (01 अक्टूबर 26)। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसकी सेनाओं ने पड़ोसी पाकिस्तान से देश में घुसे 40 से अधिक लड़ाकों को मार गिराया है। मंत्रालय ने इन लड़ाकों को उग्रवादी बताया है। मंत्रालय ने कहा है कि तनावपूर्ण सीमा पर लगातार हुई झड़पों के बीच तीन दिनों के दौरान कई अन्य उग्रवादियों को गिरफ्तार भी किया गया है। मंत्रालय ने मंगलवार देर रात जारी एक बयान में कहा कि इन उग्रवादियों में इस्लामिक स्टेट समूह के सदस्य भी शामिल थे। उसने बताया कि रविवार से मंगलवार तक पूर्वोत्तर प्रांत नूरिस्तान के कामदेश जिले में 41 उग्रवादियों को मार गिराया गया और 62 अन्य को गिरफ्तार किया गया।

अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने आरोप लगाया कि ये लड़ाके पाकिस्तान के 'समर्थन' से अफगानिस्तान में दाखिल हुए थे। पाकिस्तान की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, लेकिन उसके सूचना मंत्रालय ने अतीत में भी इस तरह के आरोपों को खारिज किया है। दोनों देशों ने हाल के हफ्तों में एक-दूसरे की ओर से आए लड़ाकों को मार गिराने के दावे किए हैं। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। सीमा पार हिंसा और अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हवाई हमलों के कारण पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। दोनों देशों के बीच सीमा पर चरमपंथी गतिविधियों को लेकर लंबे समय से विवाद है। अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन ने पिछले सप्ताह कहा था कि उसने इस साल अब तक सीमा पार हिंसा में अफगानिस्तान में 1,100 से अधिक नागरिकों की मौत और घायल होने के मामलों का दस्तावेजीकरण किया है। अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को पाकिस्तान के प्रभारी राजदूत को तलब किया और सीमा पार 'विघटनकारी सशस्त्र तत्वों के प्रवेश' को लेकर उन्हें विरोध पत्र सौंपा। मंत्रालय ने इस्लामाबाद पर आरोप लगाया कि वह ऐसे लड़ाकों के लिए भर्ती और प्रशिक्षण शिविरों को संरक्षण दे रहा है, जिन्हें बाद में सीमा पार भेजा जाता है। 

पाकिस्तान अक्सर अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर आरोप लगाता है कि वह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को अफगान क्षेत्र से काम करने और पाकिस्तान में हमले करने की अनुमति दे रही है। टीटीपी अफगानिस्तान के तालिबान से अलग संगठन है, लेकिन उसका सहयोगी है। काबुल टीटीपी को सुरक्षित पनाहगाह देने से इनकार करता है और पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करता है। काबुल भी पाकिस्तान पर अफगानिस्तान में अशांति फैलाने का आरोप लगाता है। अफगानिस्तान पाकिस्तान के साथ अपनी सीमा को अंतरराष्ट्रीय सीमा के रूप में मान्यता नहीं देता है। दोनों देशों के बीच 2,600 किलोमीटर से अधिक लंबी सीमा है, जिसे डूरंड रेखा के नाम से जाना जाता है। 

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