नईदिल्ली (03 दिसंबर 25)। सरकार ने मंगलवार को लोकसभा में बताया कि आगामी जनगणना 2027 को दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण की जनगणना अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच आयोजित होगी, जबकि दूसरे चरण की गणना फरवरी 2027 में की जाएगी। कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रश्न के लिखित उत्तर में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले चरण में मकान सूचीकरण और आवास गणना की जाएगी, जिसके बाद दूसरे चरण में आबादी की गणना होगी।
एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्री ने कहा कि इस वर्ष 30 अप्रैल को राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार जनगणना 2027 में जातिवार गणना भी की जाएगी। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी। इसमें मोबाइल ऐप के जरिए डेटा एकत्र किया जाएगा और नागरिकों के लिए स्व-गणना का ऑनलाइन विकल्प उपलब्ध होगा। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि आबादी की गणना फरवरी 2027 में की जाएगी, जिसकी संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि होगी। हालांकि, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और जम्मू-कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ से ढके कठिन और दुर्गम इलाकों में जनगणना सितंबर 2026 में की जाएगी। इन क्षेत्रों में गणना की संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि तय की गई है। मंत्री ने बताया कि प्रत्येक जनगणना से पहले विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, संगठनों और जनगणना डेटा उपयोगकर्ताओं से प्राप्त सुझावों और आवश्यकताओं के आधार पर प्रश्नावली को अंतिम रूप दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में जनगणना का इतिहास 150 वर्षों से अधिक पुराना है और प्रत्येक जनगणना के दौरान पिछली कवायदों से मिले अनुभवों को ध्यान में रखा जाता है।