लंदन (06 मार्च 25)। अमेरिका के बाद अब ब्रिटेन यानि यूनाइटेड किंगडम (यूके) भी अवैध प्रवासियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई कर रहा है। हाल ही में यूके की लेबर सरकार ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया, जिसमें भारतीय रेस्तरां, नेल बार, करियाना स्टोर और कार वॉश जैसे छोटे व्यवसायों को निशाना बनाया गया। इस अभियान के तहत 828 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 609 लोग गिरफ्तार हुए। इनमें सबसे ज्यादा संख्या पंजाबी प्रवासियों की है, जो स्टडी या टूरिस्ट वीजा पर यूके पहुंचे थे और वीजा अवधि समाप्त होने के बाद अवैध रूप से वहां रह रहे थे।
यूके सरकार की सख्ती के चलते अब तक लगभग 19,000 विदेशी अपराधियों और अवैध प्रवासियों को देश से निकाला जा चुका है। इनमें भी सबसे अधिक पंजाबी शामिल हैं। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में 1,08,130 से अधिक लोगों ने यूके में शरण के लिए आवेदन किया, जो 1979 के बाद सबसे अधिक संख्या है। इनमें से 32% लोग छोटी नावों के जरिए पहुंचे थे। यूके सरकार ने अवैध प्रवासियों को नौकरी देने वाले नियोक्ताओं पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया है। किसी अवैध कर्मचारी को रखने पर मालिक को 60,000 पाउंड (लगभग 60 लाख रुपये) तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।
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