ब्रुसेल्स (15 अप्रैल 26)। खाड़ी देशों के दौरे के दौरान यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और कहा कि यूरोप, यूएई, सऊदी अरब और कतर जैसे अपने साझेदार देशों के साथ पूरी एकजुटता में खड़ा है। कोस्टा ने ईरान के हमलों को 'अंधाधुंध, अनुचित और अवैध' बताते हुए कहा कि ऐसे समय में यूरोप अपने सहयोगियों के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए बातचीत और कूटनीति बेहद जरूरी है।
कोस्टा ने यह भी कहा कि खाड़ी देशों के लिए यूरोप एक भरोसेमंद साझेदार है और वह मिडिल ईस्ट में स्थायी शांति के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है। इस बीच, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने होर्मुज़ को जल्द से जल्द खोलने की मांग करते हुए कहा कि इस जलमार्ग के बंद होने से वैश्विक व्यापार और तेल सप्लाई पर गंभीर असर पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हॉर्मुज़ में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल नहीं हुई, तो इसके आर्थिक और लॉजिस्टिक परिणाम पूरी दुनिया को झेलने पड़ेंगे। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हॉर्मुज़ में जहाज़ों की आवाजाही पर नौसैनिक नाकेबंदी का ऐलान कर दिया। यह फैसला अमेरिका-ईरान वार्ता के विफल होने के बाद लिया गया था। कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट का संकट अब वैश्विक मुद्दा बन चुका है, जिसमें अमेरिका, ईरान, यूरोप और खाड़ी देश आमने-सामने नजर आ रहे हैं।