नईदिल्ली (17 अक्टूबर 25)। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार को साफ शब्दों में कहा कि विदेशों में बैठे भगोड़ों के खिलाफ अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि चाहे आर्थिक अपराधी हो, साइबर अपराधी हो या आतंकवादी, हर अपराधी को समयबद्ध तरीके से भारतीय कानून के सामने लाया जाएगा। यह बयान उन्होंने CBI द्वारा आयोजित 'भगोड़ों के प्रत्यर्पण: चुनौतियां और रणनीति' कॉन्फ्रेंस में दिया।
शाह ने राज्यों को निर्देश दिया कि वे ऐसी जेलें बनाएं जो अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के अनुरूप हों। उन्होंने कहा कि ललित मोदी और नीरव मोदी जैसे भगोड़े भारतीय जेलों की खराब स्थिति का बहाना बनाकर प्रत्यर्पण से बचते हैं। विदेशी कोर्ट अक्सर उनकी इस दलील को मान लेते हैं। शाह ने कहा कि अगर राज्यों ने आधुनिक जेलें बनाईं, तो यह बहाना खत्म हो जाएगा और भगोड़ों का प्रत्यर्पण आसान होगा। अमित शाह ने जोर देकर कहा कि भारत में अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनाई जा रही जीरो टॉलरेंस नीति को विदेशों में बैठे अपराधियों पर भी लागू किया जाएगा। उनका मकसद है कि भगोड़ों का यह भरोसा तोड़ा जाए कि वे भारतीय कानून की पहुंच से बाहर हैं। शाह ने कहा कि अपराधियों का कानूनी, वित्तीय और राजनीतिक नेटवर्क विदेशों में टिक नहीं पाएगा। इसके लिए राज्यों को कम से कम एक ऐसी जेल बनाने का निर्देश दिया गया है जो वैश्विक मानकों पर खरी उतरे। इससे न केवल प्रत्यर्पण में आने वाली कानूनी अड़चनें दूर होंगी, बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय साख भी मजबूत होगी।
गृहमंत्री ने हाल के कानूनी सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून 2018 के तहत सरकार ने लगभग 2 अरब डॉलर की संपत्ति जब्त की है। इसके अलावा, मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम को मजबूत करने के बाद 2014 से 2023 के बीच 12 अरब डॉलर की संपत्तियां जब्त की गई हैं। यह भारत की भगोड़ों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का सबूत है।