वाशिंगटन (27 जुलाई 26) । मध्य पूर्व में जारी अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच समुद्री तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि ईरान के खिलाफ उसकी नौसैनिक नाकेबंदी पूरी तरह लागू है। अमेरिकी सेना ने 12 वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदलवाया, दो जहाजों पर चढ़कर जांच की और आदेशों की अवहेलना करने वाले दो जहाजों को निष्क्रिय कर दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि ईरान की ओर जाने वाले समुद्री मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। गठबंधन सेनाओं ने अब तक 12 वाणिज्यिक जहाजों को निर्धारित सुरक्षा घेरे से हटाकर दूसरे मार्ग पर भेजा है। CENTCOM ने कहा कि उसका अभियान अनधिकृत समुद्री परिवहन को रोकने और ईरानी बंदरगाहों तक पहुंच सीमित करने के लिए जारी रहेगा।
अमेरिकी सेना ने अरब सागर में कोमोरोस के झंडे वाले तेल टैंकर एम/टी चारमीनार पर चढ़कर सत्यापन जांच की। जांच पूरी होने के बाद जहाज को आगे की यात्रा की अनुमति दे दी गई। वहीं, मोजाम्बिक के झंडे वाले टैंकर एम/टी लैविन पर खाड़ी-ए-ओमान में कार्रवाई की गई। CENTCOM के अनुसार, जहाज ने कई बार चेतावनी के बावजूद नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद उसे निष्क्रिय कर दिया गया ताकि वह ईरान की ओर आगे न बढ़ सके। CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी नौसेना क्षेत्र में पूरी तरह सतर्क है और समुद्री नाकेबंदी अनिश्चितकाल तक जारी रहेगी। अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया कि वह क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी।
उधर, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौसेना ने पिछले 24 घंटों के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से में चार वाणिज्यिक जहाजों को रोकने और उनका मार्ग बदलने की कोशिश की। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इन जहाजों पर "अवैध और असुरक्षित मार्ग" से गुजरने का आरोप लगाया गया। हालांकि, जहाजों की पहचान और उनके देशों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इससे पहले शुक्रवार को मोजाम्बिक के झंडे वाले एलपीजी टैंकर DISHA पर भी हमला हुआ था। इस जहाज पर 28 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे।