न्यूयार्क (17 मई 26)। भारतीय आमों की अमेरिका के प्रशांत उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में जोरदार वापसी हुई है। खास तौर पर सिएटल के बाजारों में भारतीय आमों के पहुंचने को लेकर भारतीय समुदाय और आम प्रेमियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। एक साल तक चले विशेष प्रचार अभियान के बाद अब अल्फांसो समेत कई भारतीय आम अमेरिकी बाजारों में उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
अमेरिकी चैनल Fox 13 News के कार्यक्रम 'Good Day Seattle' में इस विषय पर विशेष चर्चा हुई। इस दौरान प्रकाश गुप्ता ने बताया कि भारतीय आम अब सिएटल क्षेत्र में बड़े स्तर पर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि जब 2007 में पहली बार भारतीय आम अमेरिका पहुंचे थे, तब The New York Times ने इसे 'सबसे ज्यादा बेसब्री से इंतजार किया गया फल' बताया था। प्रकाश गुप्ता ने कहा कि भारतीय आम केवल एक फल नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और बचपन की यादों का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, 'भारत में आम गर्मियों के आगमन का प्रतीक है। परिवार आमों के साथ जुड़ते हैं और इससे बचपन की यादें जुड़ी होती हैं।' उन्होंने सिएटल के लोगों की तुलना भारतीयों से करते हुए कहा कि जैसे सिएटलवासी गर्मियों की पहली धूप का इंतजार करते हैं, वैसे ही भारतीय समुदाय यहां आमों का इंतजार कर रहा था।
जब उनसे पूछा गया कि क्या यह 'मैंगो डिप्लोमेसी' का हिस्सा है, तो उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यू बुश का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 2006 में भारत यात्रा के दौरान बुश ने अल्फांसो आम चखने के बाद कहा था, 'What a hell of a fruit' इसके बाद अमेरिका में भारतीय आमों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी। भारतीय वाणिज्य दूतावास ने पिछले साल सिएटल में विशेष 'मैंगो टेस्टिंग' कार्यक्रम आयोजित किया था, जिसमें चार भारतीय किस्मों के आम लोगों को चखाए गए। इसके बाद भारतीय आमों को स्थानीय ग्रोसरी स्टोर्स, डिलीवरी सेवाओं और बड़े अमेरिकी रिटेल नेटवर्क तक पहुंचाने की कोशिश की गई।