वाशिंगटन (06 नवंबर 24)। अमेरिका में 5 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग और काउंटिंग दोनों शुरू हो चुकी है और परिणाम के लिए पूरी दुनिया की धड़कनें तेज नजर आ रही हैं। इस बार चुनावी मुकाबला डेमोक्रेटिक पार्टी की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और रिपब्लिकन पार्टी के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच है। अमेरिका में पिछले कुछ हफ्तों में अर्ली वोटिंग में लगभग 8 करोड़ लोगों ने वोट डालने की सूचना दी है। दोनों पार्टियां अपनी चुनावी रणनीतियों के तहत जोरदार प्रचार कर रही हैं, खासकर पेंसिल्वेनिया जैसे स्विंग स्टेट्स में।
इस चुनाव के परिणाम की घोषणा में संभवतः कई दिन लग सकते हैं, और नया राष्ट्रपति जनवरी 2025 में शपथ लेगा। अमेरिका की राष्ट्रपति चुनाव में जनता सीधे उम्मीदवार को वोट नहीं दे सकती है। वोटर्स 538 सदस्यों की इलेक्टोरल बॉडी को चुनती है, जिसे इलेक्टोरल कॉलेज कहते हैं। इन्हीं के वोट के आधार पर राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का चयन होता है। अमेरिका में हर चार साल बाद चुनाव होते हैं। इसके वोटिंग का दिन और महीना तय है। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए नवंबर के महीने में सोमवार के बाद वाले मंगलवार को वोटिंग होती है। अगर पहला मंगलवार 1 नवंबर को आ जाए तो उस मंगलवार को वोटिंग नहीं होगी, क्योंकि 1 नवंबर को ईसाई ऑल सेंट्स डे मनाते हैं।
अमेरिका के आठ राज्यों में मतदान शुरू हो गया है, जिसमें कनेक्टिकट, न्यू जर्सी, न्यूयॉर्क, न्यू हैम्पशायर और वर्जीनिया शामिल हैं। इसके अलावा, इंडियाना और केंटकी में भी मतदान की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। मेन राज्य में कुछ नगरपालिका सीटों पर मतदान सुबह 10 बजे शुरू होगा। भारतीय समयानुसार, वोटिंग प्रक्रिया अमेरिका में शाम 4:30 बजे शुरू हुई। अमेरिका के गुआम आईलैंड में भी मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन यहां के मतदाता राष्ट्रपति चुनने का अवसर नहीं पाते हैं, क्योंकि गुआम में इलेक्टोरल कॉलेज वोट नहीं होते। न्यू हैम्पशायर के डिक्सविले नॉच में आधी रात को मतदान शुरू होते ही कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप को 3-3 वोट मिल चुके हैं। यह क्षेत्र 100 से कम आबादी वाले क्षेत्रों में शामिल है, जहां आधी रात को मतदान कराया जाता है।