ओटावा (14 अगस्त 26)। दुनिया में परमाणु युद्ध के बढ़ते खतरों के बीच एक बेहद चौंकाने वाला दावा सामने आया है। प्रसिद्ध भू-राजनीतिक भविष्यवाणियां करने वाले चीनी मूल के कनाडाई टिप्पणीकार जियांग श्यूक्विन ने आशंका जताई है कि यदि भविष्य में कभी परमाणु हथियारों का उपयोग होता है, तो पाकिस्तान वह पहला देश होगा जो इसका इस्तेमाल कर सकता है।
यूट्यूबर राज शमानी के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान जियांग श्यूक्विन ने यह परेशान करने वाला दावा किया। हालांकि, जियांग ने स्पष्ट किया कि वह किसी तात्कालिक परमाणु युद्ध की भविष्यवाणी नहीं कर रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि परमाणु हथियारों के खिलाफ एक वैश्विक वर्जना है जिसके कारण हमारे जीवनकाल में इनके उपयोग की संभावना शून्य प्रतिशत है। लेकिन, उनका यह भी कहना है कि यदि यह दुर्लभ आशंका कभी सच साबित होती है, तो इसका रास्ता भारत-पाकिस्तान सीमा से होकर ही गुजरेगा।
जियांग श्यूक्विन के अनुसार, इसका कारण पाकिस्तान की परमाणु युद्ध लड़ने की इच्छा से अधिक उसकी अपनी कमजोरियां हैं। जियांग ने कहा, "पाकिस्तान परमाणु हथियारों से लैस एक बेहद कमजोर, अव्यवस्थित और भ्रष्ट राष्ट्र है। आपातकाल की स्थिति में पाकिस्तान के पास खुद पर नियंत्रण रखने के लिए शायद उचित कंट्रोल सिस्टम भी मौजूद नहीं हैं"। उन्होंने तर्क दिया कि यदि कभी परमाणु हथियारों का उपयोग हुआ, तो उसका सबसे संभावित परिदृश्य भारत और पाकिस्तान के बीच का युद्ध ही होगा।
इस विश्लेषण के पीछे दोनों देशों की परमाणु नीतियों में मौजूद भारी असमानता है। भारत लंबे समय से घोषित तौर पर 'नो फर्स्ट यूज़' (No First Use - पहले परमाणु हमला न करने) की नीति पर कायम रहा है, जबकि पाकिस्तान ने ऐसी किसी नीति को नहीं अपनाया है और रणनीतिक अस्पष्टता बनाए रखी है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के 2025 के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार भारत के पास कुल 190 परमाणु हथियार हैं, जिनमें से 12 को 2025 में पहली बार तैनात किया गया है। वहीं पाकिस्तान के पास लगभग 170 परमाणु हथियार हैं, लेकिन उसने अभी तक कोई भी परमाणु हथियार तैनात नहीं किया है।