Wednesday, 30 Sep 2026

अहिल्या माता ने सनातन संस्कृति की ध्वजा लहराई : मुख्यमंत्री

पुणे (01 अक्टूबर 24)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर ने सच्चे अर्थों में सनातन संस्कृति की ध्वजा को लहराने का कार्य किया। अठाहरवीं शताब्दी में लगभग 28 वर्ष के उनके शासन में प्रशासनिक कुशलता, जन-कल्याण, सुशासन के अनेक दृष्टांत प्रस्तुत किए। लोकमाता अहिल्या बाई की 300वीं जयंती पर मध्यप्रदेश में कई कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है। आज गौरवशाली इतिहास वाले पुणे में रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी संस्था के राष्ट्रीय चर्चा कार्यक्रम में आकर पुणे नगरी को प्रणाम करते हुए यहाँ शिवाजी महाराज, लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक की स्मृति को नमन है, जिनके कारण पुणे महानगर का स्पंदन पूरा राष्ट्र महसूस करता है। पुणे महानगर प्रकारांतर से इंदौर और उज्जैन की तरह प्रतीत होता है।

राष्ट्रीय चर्चा में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े भी विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्य वक्ता पद्मश्री सुश्री निवेदता ताई भिड़े उपाध्यक्ष स्वामी विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी के अलावा श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरसी, महिला विद्यापीठ मुंबई की कुलगुरू डॉ. उज्जवला चक्रदेव, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद और रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी संस्थान के पदाधिकारी विनय सहस्त्रबुद्धे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को पुणे के जानकी देवी बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज ऑडिटोरियम में 'पुण्यश्लोक अहिल्या बाई होलकर और उनके जन कल्याणकारी सुशासन' विषय पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

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