तेहरान (21 जून 26)। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक प्रक्रिया के बीच ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने दावा किया है कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन की अधिकांश शर्तें ईरानी जनता के हित में हैं। ईरानी सरकारी प्रसारक Islamic Republic of Iran Broadcasting के अनुसार, 33वें मौद्रिक एवं बैंकिंग नीति सम्मेलन को संबोधित करते हुए पेजेशकियन ने कहा कि अमेरिका का रुख "180 डिग्री बदल गया है" और अब वाशिंगटन यह स्वीकार करने को मजबूर हो गया है कि वह ईरान के अधिकारों को नजरअंदाज नहीं कर सकता।
राष्ट्रपति ने कहा कि स्विट्जरलैंड में शुरू हुई वार्ताएं ईरान के लिए आर्थिक समृद्धि, नए बाजारों तक पहुंच और लंबे समय से चली आ रही आर्थिक चुनौतियों के समाधान का रास्ता खोल सकती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि बातचीत से निवेश, व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे ईरानी अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी। पेजेशकियन ने दावा किया कि संवाद प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही कतर में जमे ईरान के 6 अरब डॉलर जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ईरान को अपने वित्तीय संसाधनों तक दोबारा पहुंच मिलेगी और उनका उपयोग कैसे करना है, इसका निर्णय भी तेहरान स्वयं करेगा।
ईरानी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि उनका देश शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार से कभी पीछे नहीं हटेगा।उन्होंने कहा कि अमेरिका अब इस वास्तविकता को स्वीकार करने के लिए मजबूर हो गया है और यह ईरान की कूटनीतिक सफलता का प्रमाण है। पेजेशकियन का यह बयान ऐसे समय आया है जब स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में अमेरिका और ईरान के बीच आधिकारिक वार्ताएं शुरू हो चुकी हैं। इन वार्ताओं में परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत, क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है। हालांकि ईरानी राष्ट्रपति के दावों की अभी अमेरिकी पक्ष ने सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की है। इसलिए 6 अरब डॉलर की रिहाई और अन्य शर्तों को लेकर अंतिम तस्वीर वार्ता के आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट होगी।