रायसेन (14 जून 24)। मध्य प्रदेश में भोपाल के पास रायसेन जिले के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली, क्योंकि एक व्यक्ति को मारने और आंशिक रूप से खाने वाले बाघ को आखिरकार पकड़ लिया गया। वन विभाग ने इलाके के 36 गांवों के लिए रेड अलर्ट जारी किया था, क्योंकि बाघ ने करीब एक महीने तक स्थानीय लोगों को आतंकित किया हुआ था। रायसेन के वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) विजय कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया कि बाघ की तलाश में वन विभाग के कर्मियों और ग्रामीणों सहित करीब 140 लोग लगे थे। उन्होंने कहा, 'बाघ को पकड़ लिया गया है और उसे बेहोश कर दिया गया है। उसे सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (एसटीआर) में छोड़ा जाएगा।'
बाघ ने 15 मई को भोपाल शहर से 35 किलोमीटर दूर नीमखेड़ा गांव के निवासी मनीराम जाटव को मार डाला था। उसने मवेशियों का भी शिकार किया और उसे इलाके में घूमते हुए देखा गया था। यह गांव रायसेन वन प्रभाग की पूर्वी सीमा में स्थित है। जाटव का आधा खाया हुआ शव मिलने के दो दिन बाद, 150 वर्ग किलोमीटर में फैले आसपास के 36 गांवों में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया। लोगों से कहा गया कि वे जानवर के पकड़े जाने तक जंगल में न जाएं। कुमार ने बताया कि जब किसी जंगली जानवर से मानव जीवन को खतरा होता है, तब रेड अलर्ट जारी किया जाता है। रातापानी वन्यजीव अभयारण्य रायसेन जिले में है। इस अभयारण्य में 60 से अधिक बाघ हैं। नवीनतम आधिकारिक गणना के अनुसार, मध्य प्रदेश में देश में सबसे अधिक 785 बाघ हैं।