ओंकारेश्वर (13 अप्रैल 26)। आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास, संस्कृति विभाग द्वारा आदि गुरु शंकराचार्य के प्रकटोत्सव वैशाख शुक्ल पंचमी के उपलक्ष्य में 'एकात्म पर्व' का पंच दिवसीय भव्य आयोजन 17 से 21 अप्रैल तक ओंकारेश्वर के मांधाता पर्वत पर 'एकात्म धाम' में आयोजित किया जा रहा है। इस पंच दिवसीय मांगलिक अनुष्ठान में भारत की दिव्य संन्यास परंपरा के शीर्ष संतों, आर्ष चिंतकों और विशिष्टजनों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम का शुभारंभ 17 अप्रैल को द्वारका पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री सदानंद सरस्वती जी के पावन सान्निध्य तथा संस्कृति और पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, विवेकानंद केंद्र की उपाध्यक्ष पद्मश्री निवेदिता भिड़े, स्वामी शारदानंद सरस्वती की उपस्थिति में होगा, वहीं समापन अवसर पर 21 अप्रैल को शंकरावतरणम् में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि और चिन्मय मिशन के स्वामी तेजोमयानंद सरस्वती, दक्षिणामूर्ति मठ, के प्रमुख स्वामी पुण्यानंद गिरि प्रमुख रूप से सम्मिलित होंगे।
इस सत्र के अंतर्गत अद्वैत वेदांत की समकालीन परंपराओं पर विस्तृत चर्चा होगी,जिसमें 17 अप्रैल को अद्वैत एवं Gen-Z जैसे महत्वपूर्ण एवं समसामयिक विषय पर स्वामी स्वात्मानंद सरस्वती, स्वामिनी ब्रह्मप्रज्ञानंद सरस्वती, सतावधानी ललितादित्य और विशाल चौरसिया युवाओं के नजरिए से अद्वैत की व्याख्या करेंगे। उड़िया बाबा पर माँ पूर्णप्रज्ञा, स्वामी प्रणवानंद सरस्वती और आचार्य मिथिलेशनन्दिनी शरण (अयोध्या) इस परंपरा के दार्शनिक पहलुओं पर चर्चा करेंगे। 18 अप्रैल को रामकृष्ण मिशन पर स्वामी जपसिद्धानंद, स्वामी वेदतत्त्वानंद पुरी और स्वामी सर्वभद्रानंद (बेलूर मठ) अद्वैत के सेवा भाव पर प्रकाश डालेंगे, वहीं सिख संप्रदाय पर आयोजित सत्र में निर्मल अखाड़ा के स्वामी दर्शन सिंह और प्रो. जगबीर सिंह अद्वैत और 'एक ओंकार' के अंतर्संबंधों पर विमर्श करेंगे।अद्वैत एवं पर्यावरण विषय पर स्वामी चिदानंद सरस्वती (परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश) और डॉ. बालकृष्ण पिसुपति (UNEP) अद्वैत दृष्टि से प्रकृति संरक्षण पर बात करेंगे। इसी दिन रमण आश्रम पर आयोजित सत्र में डॉ. वेंकट एस. रमणन, प्रो.भूपेंद्र गोदारा और स्वामिनी सद्विद्यानंद सरस्वती महर्षि रमण के आत्म-विचार पर संवाद करेंगे।