Thursday, 01 Oct 2026

आज बंद होंगे बदरीनाथ धाम के कपाट

बद्रीनाथ (17 नवंबर 24)। उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम के कपाट रविवार को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इससे पहले शनिवार को वैदिक परंपराओं के अनुसार पंज पूजा के चौथे दिन मां लक्ष्मी की पूजा हुई और उन्हें कढ़ाई के प्रसाद का भोग अर्पित किया गया। फिर देवी लक्ष्मी से प्रार्थना की गई कि वे बदरीनाथ मंदिर के गर्भगृह में विराजमान रहें। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि 17 नवंबर को शाम को कपाट बंद करने की प्रक्रिया शुरू होगी। बदरीनाथ के मुख्य पुजारी रावल अमरनाथ नंबूदरी महिला वस्त्र पहनकर माता लक्ष्मी को श्री बदरीनाथ मंदिर के गर्भगृह में विराजमान करेंगे। कपाट बंद करने की प्रक्रिया 17 नवंबर को रात सवा 8 बजे से शुरू होगी। रात 9 बजकर 07 मिनट पर घृत कंबल ओढ़ाने के बाद, भगवान बदरीविशाल के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। 18 नवंबर को सुबह योग बदरी पांडुकेश्वर के लिए प्रस्थान करेंगे। 17 नवंबर को सुबह ब्रह्म मुहूर्त में मंदिर खुलेगा। दिन भर मंदिर में पूजा होती रहेगी और दर्शन होते रहेंगे। शाम को कपाट बंद करने की पूजा 6:45 बजे शुरू होगी और रात 9:07 बजे शुभ मुहूर्त में कपाट बंद किए जाएंगे। इस दौरान भगवान बदरीविशाल को माणा महिला मंडल की ओर से तैयार किया गया घृत कंबल ओढ़ाया जाएगा।

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