बेंगलुरु (29 जून 26)। आज रात आसमान में एक बेहद खास खगोलीय नजारा देखने को मिलेगा। ‘स्ट्रॉबेरी मून’ नाम से मशहूर यह पूर्णिमा साल की सबसे चर्चित अंतरिक्ष घटनाओं में से एक मानी जाती है। यह केवल एक खूबसूरत चांद नहीं, बल्कि विज्ञान, प्रकृति और परंपरा का अनोखा संगम भी है।
खास बात यह है कि स्ट्रॉबेरी मून आज क्षितिज के काफी करीब दिखाई देगा, जिसकी वजह से इसका रंग सुनहरा, हल्का नारंगी या गुलाबी आभा लिए नजर आ सकता है। खगोल विज्ञान के जानकारों के अनुसार, जब चांद क्षितिज के पास होता है तो वातावरण की परतों से गुजरने के कारण उसका रंग अलग दिखाई देता है। नासा के मुताबिक, ‘स्ट्रॉबेरी मून’ नाम अमेरिका की अल्गोंक्विन जनजाति ने दिया था। जून के महीने में स्ट्रॉबेरी की फसल पकने के समय आने वाली पूर्णिमा को उन्होंने यह नाम दिया। हालांकि इस चांद का वास्तविक रंग स्ट्रॉबेरी जैसा नहीं होता, लेकिन इसका सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व काफी खास माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि साफ मौसम होने पर लोग इस अद्भुत नजारे को बिना किसी टेलीस्कोप के भी देख सकते हैं। रात के समय खुले आसमान वाले इलाकों में यह पूर्णिमा बेहद आकर्षक दिखाई देगी।