ग्वालियर (15 दिसंबर 25)। विश्वविख्यात तानसेन संगीत समारोह का 101वॉ संस्करण 15 से 19 दिसम्बर, 2025 तक तानसेन समाधि स्थल, ग्वालियर में आयोजित किया जाएगा। संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने बताया कि संगीत-शिरोमणि तानसेन की पावन स्मृति और उनकी अलौकिक संगीत-परंपरा को अक्षुण्य बनाए रखने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग द्वारा प्रतिवर्ष विश्व-स्तरीय संगीत समागम 'तानसेन समारोह' का भव्य आयोजन किया जाता है। इस आयोजन की सुरमई छटा में भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रति संगीतज्ञों तथा रसिक समाज का अनन्य प्रेम, समर्पण, साधना और आस्था सजीव रूप में अनुभव की जा सकती है। अपना शताब्दी वर्ष पूर्ण कर यह प्रतिष्ठित समारोह अब अपने 101वें स्वर्णिम पड़ाव की ओर अग्रसर है। एक ऐसा पड़ाव, जहाँ परम्परा और नव-सृजन के सुर मिलकर संगीत की अनुपम गाथा रचते हैं।
101वें तानसेन समारोह के शुभारंभ अवसर पर 15 दिसम्बर, 2025 को सायं 6 बजे से राष्ट्रीय तानसेन सम्मान अलंकरण एवं राजा मानसिंह तोमर सम्मान अलंकरण समारोह का आयोजन भी तानसेन समाधि स्थल पर किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 के राष्ट्रीय तानसेन सम्मान से पंडित राजा काले, मुम्बई को गायन के लिए एवं वर्ष 2025 का पंडित तरुण भट्टाचार्य, कोलकाता को संतूर वादन के लिए प्रदान किया जाएगा। राष्ट्रीय राजा मानसिंह तोमर सम्मान वर्ष 2024 का साधना परमार्थिक संस्थान समिति, मण्डलेश्वर एवं वर्ष 2025 का रागायन संगीत समिति, ग्वालियर को प्रदान किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि, संस्कृति विभाग के लिए उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी द्वारा जिला प्रशासन-ग्वालियर, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण एवं मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग के सहयोग से प्रतिवर्ष संगीत नगरी ग्वालियर में इसका आयोजन किया जाता है। तानसेन समारोह का प्रतिष्ठित मंच अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों एवं श्रेष्ठ संगीतज्ञों के लिए जाना जाता है। इसी क्रम में इस वर्ष भी पद्मविभूषण, पद्मश्री एवं शिखर सम्मान प्राप्त संगीतज्ञों के साथ ही प्रतिष्ठित संगीतज्ञों को आमंत्रित किया जा रहा है। साथ ही स्थानीय एवं युवा प्रतिभावान कलाकारों को भी मंच प्रदान किया जा रहा है।