Friday, 09 Oct 2026

आतंकवाद का समर्थन करने वाले भुगतेंगे अंजाम: भारत

कंपाला (17 अक्टूबर 25)। भारत ने बृहस्पतिवार को गुटनिरपेक्ष आंदोलन के सदस्य देशों से आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने का आह्वान किया और कहा कि जो भी इसे किसी भी रूप में प्रायोजित करता है और न्यायोचित ठहराता है या इस पर पर्दा डालने का काम करता है, आतंकवाद उलटा उसे ही नुकसान पहुंचाएगा। यहां नाम की 19वीं मध्यावधि मंत्रिस्तरीय बैठक में भारत की ओर से वक्तव्य देते हुए विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि आतंकवाद एक ‘साझा खतरा' है जिसका समाधान केवल गहन अंतरराष्ट्रीय सहयोग से ही किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘दशकों से भारत बर्बरतापूर्वक किए गए सीमा पार आतंकवादी हमलों का शिकार रहा है, सबसे हालिया हमला 22 अप्रैल 2025 को हुआ, जब जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी गई।'

सिंह ने कहा कि इस आंदोलन का लगभग हर सदस्य आतंकवाद द्वारा उत्पन्न चुनौती से अवगत है और इसका मुकाबला करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पाकिस्तान का परोक्ष रूप से उल्लेख करते हुए कहा, ‘हालांकि, यह अत्यंत खेद की बात है कि जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम आतंकवादी हमले पर विचार-विमर्श किया, तो एक सदस्य देश ने अपराधी (द रेजिस्टेंस फ्रंट) का बचाव करने के लिए इस हद तक प्रयास किया कि उसने उसके बारे में किसी भी सार्वजनिक उल्लेख को हटाने की मांग तक कर दी।' पाकिस्तान के सदाबहार मित्र चीन का परोक्ष रूप से उल्लेख करते हुए सिंह ने कहा, ‘दुर्भाग्य से हमारे पास एक और सदस्य देश है जो इस देश की कार्रवाई का बचाव करता है।' उन्होंने कहा, ‘यह जरूरी है कि गुटनिरपेक्ष आंदोलन आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करे। आतंकवाद के प्रति किसी तरह का प्रायोजन, समर्थन, इसे न्यायोचित ठहराना या इस पर पर्दा डालने का परिणाम ऐसा करने वालों को भुगतना पड़ेगा।' सिंह ने कहा कि जब राष्ट्र आतंकवाद को राज्य की नीति घोषित करते हैं, जब आतंकवादी केंद्रों को बिना किसी दंड के पनपने दिया जाता है, जब किसी देश के पदाधिकारियों द्वारा आतंकवादियों का महिमामंडन किया जाता है, तो ऐसी कार्रवाइयों की केवल स्पष्ट निंदा की जानी चाहिए।

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