उधमपुर (27 सितंबर 24)। जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के अगले सप्ताह होने वाले तीसरे और अंतिम चरण के मतदान से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) पर हमले तेज किए और कहा कि ये तीनों वंशवादी पार्टियां आतंकवाद के लिए जिम्मेदार हैं, जिसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने खत्म कर दिया है और इसे दोबारा लौटने नहीं दिया जाएगा। शाह ने भाजपा की सरकार बनने पर जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद मुक्त बनाने का वादा किया और आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन सत्ता में आने पर पाकिस्तान का एजेंडा लागू करेगा।
शाह ने भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में चेनानी और उधमपुर विधानसभा क्षेत्रों में रैलियों को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया की नजर जम्मू-कश्मीर चुनाव पर है, जो संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद पहली बार हो रहा है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने भारतीय जनसंघ (वर्तमान भाजपा) के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को अगस्त 2019 में पूरा किया जब उसने उनके नारे -‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे' के अनुरूप अनुच्छेद 370 को हटाया। खराब मौसम के कारण गृह मंत्री का हेलीकॉप्टर चेनानी में उतर नहीं पाया जिसके कारण वह अपनी पहली रैली के लिए निर्धारित समय से कुछ घंटे देरी से पहुंचे।
शाह ने कहा, ‘मैं आपसे पूछता हूं कि (संसद पर हमले के दोषी) अफजल गुरु को फांसी दी जानी चाहिए थी या नहीं? नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस अब कह रहे हैं कि उसे फांसी नहीं दी जानी चाहिए थी.....।' उन्होंने उधमपुर जिले के चेनानी में एक रैली में कहा, ‘वे पत्थरबाजों और आतंकवादियों को रिहा करना चाहते हैं। उमर अब्दुल्ला ने यह सपना देखना छोड़ दिया है क्योंकि आप ऐसा नहीं कर सकते। यह अदालतों का काम है और हमने ऐसे कानून लागू किए हैं कि अब कोई भी पत्थर फेंकने की हिम्मत नहीं करेगा।' शाह ने कहा, ‘यह चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि जम्मू-कश्मीर करीब 40 साल तक आतंकवाद की छाया में रहा है। अगर वे (नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन) यह चुनाव जीतते हैं तो इसका मतलब है कि पाकिस्तान का एजेंडा सफल हो गया।' उन्होंने आरोप लगाया कि तीन ‘वंशवादी' दलों ने जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद में धकेल दिया जिसके परिणामस्वरूप 35 वर्ष में 40,000 लोग मारे गए और 3,003 दिनों तक कर्फ्यू लगा।