कुवैत (28 मई 25)। पहलगाम हमले के बाद 7 मई को भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया था, जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया गया। इसके बाद पाकिस्तान ने ड्रोन के जरिए पंजाब और जम्मू बॉर्डर पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन बीएसएफ ने समय रहते इसे नाकाम कर दिया। इसके बाद 13 मई को 'ऑपरेशन केलर' के दौरान सेना ने 4 लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को मार गिराया और उनके पास से भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए। सेना के इन ऑपरेशन के बाद अब आतंकियों में हलचल बढ़ गई है और बीएसएफ को संभावना है कि आतंकी अब कुछ बड़ा करने की फिराक में है।
बीएसएफने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान में आतंकवादी फिर से एक्टिव हो रहे हैं। वे अपने ट्रेनिंग कैंपों और लॉन्चपैड्स में लौट आए हैं। इससे अंदेशा है कि आने वाले दिनों में पंजाब और जम्मू-कश्मीर बॉर्डर पर घुसपैठ की कोशिशें बढ़ सकती हैं। बीएसएफ के आईजी शशांक आनंद ने बताया कि हमारे पास लगातार ऐसे इनपुट आ रहे हैं कि आतंकवादी दोबारा हरकत में हैं। वे ट्रेनिंग ले रहे हैं और भारत में घुसने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि चाहे वह एलओसी हो या इंटरनेशनल बॉर्डर, हमारे जवान पूरी तरह सतर्क हैं। बीएसएफ ने पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी है कि अगर आगे कोई घुसपैठ या हमला हुआ, तो उसका जवाब पहले से भी ज्यादा सख्त होगा। शशांक आनंद ने बताया कि हमने अब तक तीन आतंकवादी लॉन्चपैड्स को नष्ट कर दिया है और पाकिस्तान को साफ संदेश दे दिया है कि भारत किसी भी आतंकी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा।