Monday, 05 Oct 2026

आतंकियों संपर्क में थे 10 से ज्यादा मददगार

जम्मू (29 अप्रैल 25)। जम्मू-कश्मीर के शांत पहलगाम इलाके में हाल ही में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जिनमें से सभी पुरुष थे। अब इस भयावह हमले को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है- चारों आतंकी न केवल पाकिस्तान से प्रशिक्षित होकर आए थे, बल्कि उन्हें स्थानीय स्तर पर 10 से अधिक ओवरग्राउंड वर्कर्स का पूरा नेटवर्क मदद पहुंचा रहा था।

खुफिया एजेंसियों के अनुसार, आतंकियों और उनके मददगारों के बीच लगातार एनक्रिप्टेड मोबाइल एप्स और चीनी सैटेलाइट तकनीक के जरिए संपर्क बना हुआ था। इससे साफ होता है कि हमले की योजना बहुत सोच-समझकर बनाई गई थी, जिसमें तकनीक और क्षेत्रीय नेटवर्क का भरपूर इस्तेमाल किया गया।

हमले के तरीके ने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया है। हमलावरों ने टूरिस्ट्स को धर्म के आधार पर पहचाना- पहले उनसे कलमा पढ़वाया गया, फिर कपड़े उतरवाकर जांच की गई। महिलाओं और बच्चों को छोड़ दिया गया, जबकि पुरुषों को बेरहमी से गोली मारी गई। इससे आतंकियों के नापाक इरादों का अंदाजा लगाया जा सकता है- वे समाज में नफरत और डर फैलाना चाहते थे। हमले में शामिल चारों आतंकियों में से दो पाकिस्तानी नागरिक थे, और बाकी ने पाकिस्तान में जाकर आतंकी ट्रेनिंग ली थी। यही नहीं, हमलावरों को लगातार सीमा पार से निर्देश दिए जा रहे थे। भारत सरकार को इस बात के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं कि यह हमला पाकिस्तान प्रायोजित था।

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