पठानकोट (13 मई 25)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पठानकोट एयरबेस पर जाबांज जवानों से मुलाकत कर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर कोई सामान्य सैन्य अभियान नहीं है। ये भारत की नीति, नीयत और निर्णायक क्षमता की त्रिवेणी है। भारत बुद्ध की भी धरती है और गुरु गोबिंद सिंह जी की भी धरती है। गुरू गोबिंद सिंह जी ने कहा था- सवा लाख से एक लड़ाऊं, चिड़ियन ते मैं बाज़ तुड़ाऊं, तबै गुरु गोबिंद सिंह नाम कहाऊं।” अधर्म के नाश और धर्म की स्थापना के लिए शस्त्र उठाना, ये हमारी परंपरा है। इसलिए जब हमारी बहनों, बेटियों का सिंदूर छीना गया, तो हमने आंतकियों के फ़न को उनके घर में घुसके कुचल दिया। वो कायरों की तरह छिपकर आए थे, लेकिन वो ये भूल गए, उन्होंने जिसे ललकारा है, वो हिन्द की सेना है। आपने उन्हें सामने से हमला करके मारा, आपने आतंक के तमाम बड़े अड्डों को मिट्टी में मिला दिया, 9 आतंकी ठिकाने बर्बाद हुए, 100 से ज्यादा आतंकियों की मौत हुई, आतंक के आकाओं को अब समझ आ गया है, भारत की ओर नज़र उठाने का एक ही अंजाम होगा- तबाही!
पीएम मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से आपने देश का आत्मबल बढ़ाया है, देश को एकता के सूत्र में बाँधा है, और आपने भारत की सीमाओं की रक्षा की है, भारत के स्वाभिमान को नई ऊंचाई दी है। आपने वो किया, जो अभूतपूर्व है, अकल्पनीय है, अद्भुत है। हमारी एयरफोर्स ने पाकिस्तान में इतना डीप, आतंक के अड्डों को टारगेट किया। सिर्फ 20-25 मिनट के भीतर, सीमापार लक्ष्यों को भेदना, बिल्कुल पिन पॉइंट टारगेट्स को हिट करना, ये सिर्फ एक मॉडर्न टेक्नोलॉजी से लैस, प्रोफेशनल फोर्स ही कर सकती है। आपकी स्पीड और प्रिसीजन, इस लेवल की थी, कि दुश्मन हक्का-बक्का रह गया। उसको पता ही नहीं चला कि कब उसका सीना छलनी हो गया। ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए दुश्मन ने इस एयरबेस के साथ-साथ, हमारे अनेक एयरबेस पर हमला करने की कई बार कोशिश की। बार-बार उसने हमें टारगेट किया, लेकिन पाक के नाकाम, नापाक इरादे हर बार नाकाम हो गए। पाकिस्तान के ड्रोन, उसके UAV, पाकिस्तान के एयरक्राफ्ट और उसकी मिसाइलें, हमारे सशक्त एयर डिफेंस के सामने सब के सब ढेर हो गए।
आतंक के विरुद्ध भारत की लक्ष्मण रेखा अब एकदम स्पष्ट है। अब फिर कोई टैरर अटैक हुआ, तो भारत जवाब देगा, पक्का जवाब देगा। ये हमने सर्जिकल स्ट्राइक के समय देखा है, एयर स्ट्राइक के समय देखा है, और अब तो ऑपरेशन सिंदूर, भारत का न्यू नॉर्मल है। और जैसा मैंने कल भी कहा, भारत ने अब तीन सूत्र तय कर दिए हैं, पहला- भारत पर आतंकी हमला हुआ तो हम अपने तरीके से, अपनी शर्तों पर, अपने समय पर जवाब देंगे। दूसरा- कोई भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल भारत नहीं सहेगा। तीसरा- हम आतंक की सरपरस्त सरकार और आतंक के आकाओं को अलग-अलग नहीं देखेंगे। दुनिया भी भारत के इस नए रूप को, इस नई व्यवस्था को समझते हुए ही आगे बढ़ रही है।