भोपाल (27 जुलाई 24)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि अधिक वर्षा की स्थिति में उत्पन्न होने वाले कष्टों से बचने के लिए अपने स्तर पर भी सजग रहें। विशेष रूप से बच्चों का ध्यान रखना आवश्यक है। बच्चे अधिक जल स्तर और बहाव क्षेत्र की तरफ न जाएं। इसके साथ ही आकाशीय बिजली से भी सावधान रहना आवश्यक है। वर्षा से बचने के लिए पेड़ की शरण न ली जाए, क्योंकि आकाशीय बिजली पेड़ों पर अधिक गिरती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश अब तक औसत से 4 प्रतिशत अधिक वर्षा हो चुकी है। बरगी बांध के गेट खुलने से जल स्तर बढ़ेगा। सभी संबंधित जिलों को अलर्ट जारी कर दिया गया है। अतिवर्षा से प्रभावित सागर एवं कटनी जिले में राहत शिविर भी लगाये गये है।
प्रदेश में मानसून सक्रिय है। आज 26 जुलाई तक 400 मि.मी. वर्षा हो चुकी, जो औसत से चार प्रतिशत अधिक है। अगले चार दिन में जहाँ पूरे प्रदेश में हल्की वर्षा का पूर्वानुमान बताया गया है, वहीं 3 संभागों में अधिक वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है। भोपाल, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग के कुछ जिलों में भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। इनमें भोपाल, विदिशा, सीहोर, रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, जबलपुर, कटनी, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा इनमें शामिल हैं। इसके अलावा सागर संभाग में पन्ना और छतरपुर, रीवा संभाग में सतना जिले में भारी वर्षा का अनुमान व्यक्त किया गया है।