भोपाल (28 नवंबर 25)। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि आमजन के साथ सहानुभूति और समानाभूति लोक सेवा का आधार है। यह कथनी और करनी में साफतौर पर दिखना चाहिए। अधिकारी जनहित, राष्ट्रहित के कार्यों का नेतृत्व व्यक्तिगत आचरण और व्यवहार से करें। जनसेवा की वास्तविक कसौटी जन विश्वास पर खरा उतरना है। राज्यपाल पटेल राजभवन में आए 77 वें आर आर बैच के भारतीय पुलिस सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ शुक्रवार को राजभवन में चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर अपर सचिव उमाशंकर भार्गव भी मौजूद थे।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम पुलिस में सेवा का अवसर है। आवश्यकता सबके साथ, विश्वास और सहयोग के साथ कार्य करने की है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वह पुलिस व्यवस्था के भावी निर्माता है। कार्यक्षेत्र का निरन्तर भ्रमण करे। हर तीन माह मेंपूरे कार्य क्षेत्र का दौरा करते रहना चाहिए। बदलते समय और चुनौतियों के लिए नागरिक केंद्रित पुलिस व्यवस्था को और अधिक कुशल और आधुनिक बनाने के लिए प्रतिभा मेधा का उपयोग करें। अनुभवों के आधार पर नवाचारों के लिए सदैव प्रयत्नशील रहें। ऐसी कार्य संस्कृति को बढ़ावा दें, जिसमें जन मानस में पुलिस के लिए सम्मान का भाव हो। पुलिस की उपस्थिति हर वर्ग, समुदाय और नागरिक में यह विश्वास जगाए कि वह संविधान और कानून के संरक्षण में है। अधिकारी के रूप में जो विशेष शक्तियाँ और अधिकार उन्हें मिलेंगे। वह समाज के अंतिम व्यक्ति की सेवा और सुरक्षा के लिए है।राज्यपाल ने कहा कि आपके अधिकारी बनने में समाज के प्रत्येक वर्ग का प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष योगदान है। उनके प्रति कृतज्ञता और कर्तव्यों को सदैव याद रखिएगा।