Thursday, 01 Oct 2026

आम पाकिस्तानी न मरे इसलिए आधी रात को मारा: CDS

रांची (20 सितंबर 25)। भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान में अंजाम दिए गए Operation Sindoor की नई जानकारी सामने आई है। इस ऑपरेशन का मकसद मई 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले का जवाब देना था। हाल ही में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) अनिल चौहान ने रांची में एक कार्यक्रम के दौरान इस ऑपरेशन की रणनीति और वक्त की वजहों पर महत्वपूर्ण खुलासा किया।

CDS अनिल चौहान ने बताया कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान में रात के करीब 1 बजे से 1:30 बजे के बीच सटीक और निर्णायक हमला किया। यह समय सामान्यतः सबसे अंधेरा और कठिन माना जाता है, जब सैटेलाइट से इलाके की निगरानी करना चुनौतीपूर्ण होता है। फिर भी, भारत की उन्नत सैटेलाइट तकनीक ने रात के अंधेरे में भी तस्वीरें कैप्चर करने की क्षमता दी थी, जिससे सेना को समय और लक्ष्यों का पूरा भरोसा था। दूसरा महत्वपूर्ण कारण था पाकिस्तानी नागरिकों की सुरक्षा। सुबह 5:30 से 6 बजे के बीच हमला करना तो रणनीतिक दृष्टि से सही होता, लेकिन उस समय इलाके में लोग अपने रोज़मर्रा के कामों में व्यस्त रहते हैं, जैसे पहली अजान या नमाज़ की वजह से मस्जिदों में भारी भीड़ हो सकती है। खासकर बहावलपुर और मुरीदके इलाकों में सुबह के वक्त काफी लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में नागरिकों को नुकसान पहुंचाने से बचाने के लिए भारतीय सेना ने रात के मध्य का समय चुना, जब इलाके में कम लोग होते हैं।

इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सीमा के भीतर आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर हमला किया। इस कार्रवाई का उद्देश्य पहलगाम में मारे गए हमारे सैनिकों का बदला लेना और आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश देना था। CDS के अनुसार, यह हमला न केवल एक सैन्य रणनीति था, बल्कि एक जिम्मेदार कदम भी था, जिसमें नागरिक हानि को न्यूनतम रखने की पूरी कोशिश की गई। रात के इस विशेष समय पर हमला करने की योजना से यह भी पता चलता है कि भारतीय सेना न केवल तकनीकी रूप से सक्षम है, बल्कि मानवता और रणनीति दोनों का संतुलन बनाकर कार्रवाई करती है। अनिल चौहान ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर भविष्य में भी आतंकवाद के खिलाफ कड़े और सोच-समझकर उठाए गए कदमों की मिसाल रहेगा।

Tags:

Follow us

This question is not available..!