जोधपुर (10 अक्टूबर 25)। जोधपुर में अपने ही गुरुकुल की नाबालिग छात्रा के साथ यौन शोषण के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम की गुरुवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। सूत्रों के अनुसार, जोधपुर सेंट्रल जेल में उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी, जिसके बाद जेल प्रशासन ने उसे तत्काल निजी अस्पताल आरोग्यम में भर्ती कराया।
जानकारी के अनुसार, आसाराम लंबे समय से कई बीमारियों से जूझ रहा हैं और अक्सर सांस लेने में दिक्कत होती है। जेल प्रशासन ने बताया कि मेडिकल टीम उसकी लगातार निगरानी कर रही है। फिलहाल उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। सुरक्षा कारणों से अस्पताल में बाहरी लोगों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है, और जेल पुलिस का विशेष दल लगातार उसकी निगरानी में है। आसाराम को 2018 में जोधपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया था और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। तब से वह जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। अगस्त 2013 में एक 16 वर्षीय लड़की ने आसाराम पर राजस्थान के जोधपुर के पास अपने आश्रम में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। पीड़िता के माता-पिता ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने 31 अगस्त, 2013 को आसाराम को गिरफ्तार किया। अप्रैल 2018 में जोधपुर की विशेष अदालत ने आसाराम को नाबालिग से दुष्कर्म के लिए दोषी ठहराया और भारतीय दंड संहिता, यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम की अलग-अलग धाराओं के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई।