इंदौर (07 अगस्त 25)। महाराष्ट्र सरकार की पर्यावरण मंत्री सुश्री पंकजा मुंडे ने अपने एक दिवसीय इंदौर प्रवास के दौरान शहर की स्वच्छता, पर्यावरणीय नवाचारों और सतत विकास के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा, 'इंदौर में जो कार्यप्रणाली अपनाई जा रही है, वह ग्लोबली एक्सेप्टेबल है और महाराष्ट्र भी इससे बहुत कुछ सीख सकता है।' पंकजा मुंडे ने कहा कि महाराष्ट्र में जल्द ही नगरीय निकाय चुनाव होने हैं और वह चाहती हैं कि वहां चुने गए जनप्रतिनिधियों को इंदौर के कार्यों का अध्ययन करने के लिए भेजा जाए ताकि वे भी ऐसी योजनाएं अपने शहरों में लागू कर सकें। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में 'नदी पुनर्जीवन प्राधिकरण' की स्थापना का निर्णय लिया है और जल्द ही इसका प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि इंदौर इस क्षेत्र में पहले से अग्रणी है और यहां के अनुभवों से महाराष्ट्र को दिशा मिलेगी।
अपने दौरे के दौरान मंत्री मुंडे ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव के साथ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, ट्रेचिंग ग्राउंड, सीएनजी और सीएनडी प्लांट सहित गीले-सूखे कचरे के प्रबंधन स्थलों का निरीक्षण किया। महापौर द्वारा उन्हें विस्तृत प्रेजेंटेशन भी दिया गया। इस अवसर पर निगम आयुक्त शिवम वर्मा, जल कार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा सहित संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। पंकजा मुंडे ने कहा कि 'इंदौर ने जब 2015 में स्वच्छता की शुरुआत की थी, तब से लेकर अब तक शहर ने रोज़ाना लगातार काम कर दिखाया है। यह प्रयास प्रेरणादायक है।' उन्होंने इंदौर के ग्रीन बॉन्ड प्रोजेक्ट को भी उल्लेखनीय बताते हुए कहा कि इसका श्रेय स्पष्ट राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रशासनिक समन्वय को जाता है। पंकजा मुंडे ने इंदौर को भारत का 'ग्लोबल स्टैंडर्ड' शहर बताते हुए कहा कि वह चाहेंगी कि महाराष्ट्र के शहर भी इसी मॉडल पर आगे बढ़ें।