भोपाल (21 मई 26)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बुधवार को मंत्रालय में गूगल क्लाउड इंडिया के पदाधिकारियों ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पदाधिकारियों के साथ प्रदेश में प्रशासनिक दक्षता संवर्धन, एआई आधारित सुशासन और सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में एआई आधारित तकनीकी सहयोग के संबंध में राउंड टेबल मीटिंग की। मीटिंग में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एम. सेल्वेन्द्रन, गूगल क्लाउड इंडिया के निदेशक (पब्लिक सेक्टर) आशीष वत्तल, एपीएसी क्षेत्र के निदेशक मदन ओबरॉय, पंकज शुक्ला, लोकेश लोहिया, डॉ. श्रुति गाडगिल, विजय गुंजाटे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में अपर मुख्य सचिव मंडलोई ने बताया कि राज्य सरकार और गूगल क्लाउड इंडिया के बीच एक महत्वपूर्ण रणनीतिक सहयोग स्थापित किया जा रहा है। इसमें इंदौर में 'सेंटर फॉर एक्सीलेंस' स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए शीघ्र ही एमओयू होगा। यह सेंटर एआई आधारित नवाचार, अनुसंधान, स्किल डेवलपमेंट और तकनीकी समाधान विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा। सेंटर से 10 हजार से अधिक एआई डेवलपर्स को जोड़ा जाएगा, जो मध्यप्रदेश सहित देश और साउथ ग्लोबल की आवश्यकताओं के अनुरूप रियल टाइम तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएंगे। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 के पश्चात हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में गूगल क्लाउड इंडिया ने 'समृद्ध मध्यप्रदेश' की अवधारणा के अनुरूप एआई आधारित विकास और सुशासन के लिए एक विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। बैठक में सिंहस्थ-2028 को स्मार्ट और तकनीक-सक्षम आयोजन के रूप में विकसित करने पर विशेष चर्चा हुई। गूगल द्वारा प्रस्तुत एआई फ्रेमवर्क में रियल टाइम भीड़ प्रबंधन, प्रेडिक्टिव ट्रैफिक एवं सुरक्षा विश्लेषण, एआई आधारित इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम और डिजिटल ट्विन मॉडल जैसी अत्याधुनिक व्यवस्थाएं शामिल हैं।
बैठक में 'सहायक' नामक बहुभाषीय एवं वॉइस-सक्षम एआई एप्लिकेशन की अवधारणा भी प्रस्तुत की गई, जो सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को भीड़ की स्थिति, मार्गदर्शन, ट्रैफिक व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की रियल टाइम जानकारी स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध कराएगा। इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और आयोजन प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार होगा।