इंदौर (08 जुलाई 25)। प्रदेश में रीयल एस्टेट की गतिविधियों के विस्तार के लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा 11 जुलाई को इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में 'मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव' का आयोजन किया जा रहा है। 'नेक्स्ट होराइजन: बिल्डिंग सिटीज़ ऑफ टुमारो' थीम पर आधारित यह कॉन्क्लेव राज्य के शहरी विकास और निवेश के लिये नए क्षितिज खोलने का माध्यम बनेगा।
'उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025' के अंतर्गत इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेश की नगरीय अधोसंरचना को भविष्योन्मुखी बनाना, सतत विकास को गति देना और व्यापक निवेश आकर्षित करना है। मध्यप्रदेश देश के केन्द्र में रणनीतिक भौगोलिक स्थिति के कारण महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसलिये यहां से आसानी से देश भर से लॉजिस्टिक संपर्क किया जा सकता है। प्रदेश में तेज गति से होता शहरीकरण, विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे शहरों में सशक्त इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है। राज्य में सस्ती भूमि और श्रम, सरल प्रशासनिक प्रक्रियाएं हैं और उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियाँ लागू की गई हैं। मध्यप्रदेश में केन्द सरकार की प्रधानमंत्री गति-शक्ति, अमृत 2.0 और स्मार्ट-सिटी जैसी योजनाओं से प्रदेश में समावेशी विकास हो रहा है। प्रदेश में विकास और निवेश शहरी परिवहन (मेट्रो, ई-बस, मल्टीमॉडल हब), किफायती आवास, स्लम पुनर्विकास, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, जलापूर्ति, सीवेज नेटवर्क, झील संरक्षण, डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस, भवन स्वीकृति प्रणाली और स्वच्छ ऊर्जा, हरित भवन, रिन्यूएबल इनफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। निवेशक इन क्षेत्रों में निवेश कर भविष्य में होने वाले लाभ के सहभागी हो सकते हैं। मध्यप्रदेश के भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना, स्मार्ट सिटी के तहत इंटिग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स, इंडस्ट्रियल टॉउनशिप्स, न्यू टॉउन डेवलपमेंट प्लान, नगरीय निकायों में आधुनिक वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट्स और स्ट्रीट वेंडिंग जोन, शहरी स्वास्थ्य केन्द्रों का सुदृढ़ीकरण जैसी परियोजनाएं चल रही हैं और कुछ भविष्य के लिए प्रस्तावित हैं।