अशदोद (18 मई 26)। गाजा की समुद्री नाकाबंदी को चुनौती देने निकले ‘ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला’ पर इजराइली नौसेना ने सोमवार सुबह बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। भूमध्य सागर के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में इजराइली सैनिकों ने कई नागरिक जहाजों को घेरकर उन पर चढ़ाई की और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना शुरू कर दिया। यह काफिला पिछले सप्ताह तुर्किये के मारमारिस बंदरगाह से रवाना हुआ था। आयोजकों के मुताबिक इसमें करीब 54 जहाज शामिल हैं, जिनमें सैकड़ों कार्यकर्ता, पत्रकार और मानवाधिकार अभियानकर्ता सवार थे। इन जहाजों का उद्देश्य गाजा तक मानवीय सहायता पहुंचाना और इजराइल की समुद्री नाकाबंदी का विरोध करना बताया गया।
फ्लोटिला द्वारा चलाए जा रहे लाइव प्रसारणों में देखा गया कि इजराइली नौसैनिक जहाज धीरे-धीरे काफिले के चारों ओर तैनात हुए और फिर अलग-अलग नौकाओं पर चढ़ाई शुरू कर दी। कुछ जहाजों से अचानक रेडियो संपर्क टूटने और लाइव स्ट्रीम बंद होने की खबर भी सामने आई। शुरुआती वीडियो में कार्यकर्ता डेक पर जमा दिखाई दिए, जबकि हथियारबंद सैनिक जहाजों पर नियंत्रण लेते नजर आए। इजराइली मीडिया रिपोर्टों के अनुसार नौसेना ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर उन्हें नौसैनिक जहाजों के जरिए अशदोद बंदरगाह ले जाना शुरू कर दिया। कुछ रिपोर्टों में इस जहाज को 'फ्लोटिंग प्रिजन' तक कहा गया, हालांकि यह कोई आधिकारिक सैन्य शब्द नहीं है। इजराइल ने 2007 से गाजा पर समुद्री नाकाबंदी लागू कर रखी है। इजराइली अधिकारियों का कहना है कि यह कदम हमास तक हथियारों की आपूर्ति रोकने के लिए जरूरी है। उनका दावा है कि मानवीय सहायता को जमीनी रास्तों से जांच के बाद प्रवेश दिया जाता है। विदेश मंत्रालय ने फ्लोटिला के रवाना होने से पहले ही कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी थी कि वे 'अपना रास्ता बदलें और तुरंत लौट जाएं।'
ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला’ के आयोजकों ने कहा कि उनके जहाज शांतिपूर्ण मिशन पर हैं और वे केवल मानवीय सहायता लेकर जा रहे हैं। संगठन ने बयान जारी कर कहा, 'हम गाजा की ओर बढ़ते रहेंगे। हम डरने वाले नहीं हैं। हमारा मिशन नाकाबंदी तोड़ना और दुनिया का ध्यान गाजा की मानवीय स्थिति की ओर खींचना है।'