अराद (22 मार्च 26)। इजराइल के दक्षिणी शहर अराद और डिमोना में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों ने भारी तबाही मचाई है। इन हमलों में 100 से अधिक लोग घायल हो गए, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। इजराइल के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे 'सीधा युद्ध अपराध' और 'आतंकवाद' बताया है। मंत्रालय के अनुसार, ईरान ने जानबूझकर नागरिक इलाकों को निशाना बनाया। रातभर बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे रहे। अस्पतालों में छर्रे लगने, हड्डियां टूटने और मानसिक सदमे से पीड़ित दर्जनों लोगों का इलाज किया जा रहा है, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस हमले को 'देश के भविष्य की लड़ाई का कठिन पल' बताया और कहा कि इजराइल अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त जवाब देगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये हमले ईरान की ओर से उसके नतांज परमाणु संवर्धन केंद्र पर हुए कथित हमले के जवाब में किए गए। हालांकि, इजराइल ने इस हमले में अपनी भूमिका से इनकार किया है। इजराइल की वायु रक्षा प्रणाली Iron Dome ने कई मिसाइलों को रोकने की कोशिश की, लेकिन कम से कम दो मिसाइलें सुरक्षा कवच को भेदकर रिहायशी इलाकों में गिर गईं। इससे कई घरों में आग लग गई और भारी नुकसान हुआ। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की बात कही है। स्कूलों को फिलहाल बंद कर दिया गया है, जबकि इंजीनियरिंग टीमें इमारतों की सुरक्षा जांच कर रही हैं। इस हमले ने एक बार फिर वैश्विक चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि मिडिल ईस्ट में यह संघर्ष अब बड़े युद्ध का रूप ले सकता है। दुनिया के कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।