यरूशलेम (09 अक्टूबर 26)। फ्लाईदुबई विमान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए हमले के बाद भारत में इजरायल के राजदूत रियुवेन अजार ने आतंकवाद को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि भारत, इजरायल समेत दुनिया के देशों को आतंकवाद की एक नई लहर के लिए तैयार रहना होगा। अजार के मुताबिक आतंकी संगठन सरकारों और सुरक्षा एजेंसियों की तुलना में तेजी से अपनी क्षमताएं बढ़ा रहे हैं। एक विशेष साक्षात्कार में अजार ने कहा कि आतंकवाद की अगली लहर से बचने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को लगातार सतर्क रहना होगा और तेजी से तैयारी करनी होगी। उन्होंने कहा कि आतंकियों की गति से आगे निकलना जरूरी है।अजार ने चेतावनी देते हुए कहा कि आतंकवादी संगठनों को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को उनसे तेज गति से काम करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद की अगली लहर आने की आशंका है और उससे निपटने के लिए पहले से तैयारी करनी होगी।
आतंकी संगठनों के बीच बढ़ते सहयोग के सवाल पर अजार ने हमास की मध्य-पूर्व से बाहर कथित गतिविधियों का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि पिछले एक साल के दौरान हमास के कई वरिष्ठ कमांडर पाकिस्तान और बांग्लादेश में देखे गए हैं। अजार ने हमास के नेताओं नाजी जाहिर और खालिद अल-कदूमी का जिक्र करते हुए दावा किया कि वे जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। हालांकि, ये दावे इजरायली राजदूत के हैं और इनके स्वतंत्र सत्यापन के संबंध में कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इन आरोपों को अंतिम तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता। अजार ने 2025 के पहलगाम आतंकी हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि हमास ने क्षेत्र में सक्रिय कुछ आतंकी संगठनों को प्रभावित और प्रेरित किया है तथा पहलगाम हमला इसी व्यापक प्रभाव का एक उदाहरण था। उन्होंने कहा कि हमास के प्रतिनिधियों की क्षेत्र में बैठकों की जानकारी सामने आई है, लेकिन इन बैठकों के पीछे क्या गतिविधियां चल रही हैं, यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इजरायली राजदूत की यह चेतावनी फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड-1073 में हुई घटना की जांच के बीच आई है।