यरुशलम (16 जून 26)। इजरायल और फिलिस्तीन के बीच जारी लंबे संघर्ष और तनाव के बीच एक भारतीय ट्रैवल व्लॉगर का अनुभव सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। भारतीय कंटेंट क्रिएटर विष्णु साहा ने इजरायल से फिलिस्तीन की यात्रा के दौरान जो देखा, उसे अपने यूट्यूब चैनल ‘वांडरिंग मैनेक’ पर साझा किया। विष्णु बताते हैं कि जैसे ही उन्होंने इजरायल से फिलिस्तीन की सीमा की ओर बढ़ना शुरू किया, सबसे पहले एक लाल रंग का चेतावनी बोर्ड नजर आया। बोर्ड पर लिखा था कि इजरायली नागरिक इस सड़क पर आगे न जाएं क्योंकि यह फिलिस्तीनी क्षेत्र की ओर जाती है। यह संदेश देखकर वह खुद भी कुछ देर के लिए असहज और सतर्क हो गए।
यात्रा की शुरुआत तेल अवीव से हुई। विष्णु के अनुसार तेल अवीव एक आधुनिक और पश्चिमी शैली का शहर महसूस होता है, जबकि यरुशलम पहुंचते ही माहौल पूरी तरह बदल जाता है। यरुशलम उन्हें इतिहास, धर्म और परंपराओं से भरा शहर लगा। उन्होंने Western Wall पर प्रार्थना कर रहे लोगों को भी दिखाया, जहां श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लिखकर दीवार की दरारों में पर्चियां रखते हैं। विष्णु का कहना है कि जैसे ही उन्होंने फिलिस्तीनी क्षेत्र में प्रवेश किया, उन्हें लगा कि वे किसी दूसरे देश में आ गए हैं। आधुनिक और व्यवस्थित इजरायल की तुलना में फिलिस्तीन का माहौल अधिक पारंपरिक और अरब संस्कृति से जुड़ा महसूस हुआ।उन्हें कई सुरक्षा चौकियों और जांच बिंदुओं से होकर गुजरना पड़ा, जिसके बाद वह आधिकारिक रूप से फिलिस्तीनी क्षेत्र में पहुंचे। फिलिस्तीन के प्रमुख शहर रामल्लाह पहुंचने पर उन्हें स्थानीय लोगों का व्यवहार काफी आत्मीय लगा। उनकी बस का टिकट एक छात्र ने खुद खरीद दिया और पैसे वापस लेने से भी इनकार कर दिया। व्लॉगर ने शहर के बाजार, कैफे, फल विक्रेताओं और आम लोगों की दिनचर्या को कैमरे में कैद किया। उनके अनुसार यहां का जीवन सामान्य दिखाई देता है और खाने-पीने की चीजें इजरायल की तुलना में सस्ती हैं। विष्णु ने रामल्ला को फिलिस्तीन की वास्तविक प्रशासनिक राजधानी बताया, जहां कई सरकारी कार्यालय स्थित हैं।