मॉस्को (21 नवंबर 25)। मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के प्रधानमंत्री ली च्यांग की हाई-प्रोफाइल बैठक ने दुनिया को साफ संदेश दे दिया है रूस और चीन का गठजोड़ अब अपने इतिहास के सबसे मजबूत दौर में है। शंघाई सहयोग संगठन (SCO), मल्टीपोलर विश्व व्यवस्था और विशाल आर्थिक समझौतों ने इस साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के प्रधानमंत्री ली च्यांग की 18 नवंबर को मॉस्को में हुई मुलाकात ने दोनों देशों के संबंधों को 'इतिहास के सर्वोत्तम दौर' में बताया है। रूस के विदेश मंत्रालय ने भी X (पूर्व Twitter) पर लिखकर इसे नई युग की रणनीतिक साझेदारी कहा है।
बैठक में पुतिन ने कहा कि रूस और चीन का सहयोग न केवल द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत कर रहा है, बल्कि SCO को वैश्विक मल्टीपोलर व्यवस्था का स्तंभ भी बना रहा है, जहाँ ग्लोबल साउथ के देशों की भूमिका और प्रभाव बढ़ रहा है। उन्होंने जोर दिया कि SCO की इस वर्ष की गतिविधियों ने चीन की अध्यक्षता के साथ मिलकर 'तियानजिन शिखर सम्मेलन' को बड़ी सफलता दिलाई। पुतिन ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ तियानजिन और बीजिंग में हुई पुरानी मुलाकातों को याद करते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते 'बराबरी, परस्पर लाभ और एक-दूसरे के कोर हितों पर समर्थन' पर आधारित हैं, और किसी तीसरे देश के खिलाफ नहीं हैं। पुतिन ने बताया कि 2024 में रूस-चीन व्यापार अपने इतिहास के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया। दोनों देश ऊर्जा, अंतरिक्ष, उद्योग और कृषि में बड़े संयुक्त प्रोजेक्ट्स शुरू कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों की योजनाओं का लक्ष्य साझेदारी को 'तकनीकी रूप से और भी मजबूत बनाना' है। पुतिन ने 2026–27 में होने वाले “रूस-चीन शिक्षा वर्ष” को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के “क्रॉस ईयर ऑफ कल्चर” भी सफलता के अंतिम चरण में हैं।