नईदिल्ली (12 नवंबर 24)। करीब 10 साल पुरानी एयरलाइन विस्तारा ने नीले आसमान को अलविदा कह दिया। एयरलाइन ने सोमवार देर रात एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में अपनी आखिरी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ाने भरी। विस्तारा की उड़ान ‘यूके 986' ने मुंबई से दिल्ली और ‘यूके 115' ने दिल्ली से सिंगापुर के लिए उड़ान भरी। यह आखिरी बार हुआ, जब उड़ान कोड ‘यूके' आसमान में दिखाई दिया और अब मंगलवार से विस्तारा की उड़ानों का नया कोड ‘एआई2एक्सएक्सएक्स' होगा। दिलचस्प बात यह है कि जब एयरलाइन ने नौ जनवरी, 2015 को परिचालन शुरू किया था, तो पहली उड़ान दिल्ली से मुंबई के लिए संचालित हुई थी। विस्तारा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट किया, 'इस अविस्मरणीय यात्रा का हिस्सा बनने और हमें प्यार देने के लिए आपका धन्यवाद। हम इन यादों को हमेशा संजोकर रखेंगे। अब सभी नवीनतम जानकारी के लिए एयर इंडिया को ‘फॉलो' करें।' टाटा समूह और सिंगापुर के बीच संयुक्त उद्यम विस्तारा का एयर इंडिया के साथ विलय किया जाएगा, जिसके बाद विस्तारित इकाई में सिंगापुर एयरलाइंस की हिस्सेदारी 25.1 प्रतिशत होगी। यह विलय देश के तेजी से बढ़ते नागर विमानन क्षेत्र में 2006-2007 के बाद दूसरे बड़े एकीकरण का दौर होगा। वित्त वर्ष 2006-07 में इंडियन एयरलाइंस का एयर इंडिया में और एयर सहारा का जेट एयरवेज में विलय हुआ था। इसी दौरान एयर डेक्कन का किंगफिशर एयरलाइंस में विलय हुआ। विस्तारा के विलय के बाद पूर्ण सेवा भारतीय एयरलाइन के रूप में केवल एयर इंडिया ही रह जाएगी।