अदीस अबाबा (17 दिसंबर 25)। इथियोपिया की संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य और भावनात्मक स्वागत किया गया। जैसे ही पीएम मोदी संसद भवन में पहुंचे, पूरा सदन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री मोदी ने मंच तक सीमित न रहते हुए संसद में मौजूद हर सदस्य के पास जाकर स्वयं हाथ मिलाया और अभिवादन स्वीकार किया। उनके इस मानवीय और आत्मीय जेस्चर ने न केवल इथियोपिया के सांसदों, बल्कि वैश्विक मंच पर भी गहरी छाप छोड़ी। जब तक पीएम मोदी सभी सदस्यों से मिलते रहे, सदन में लगातार तालियां बजती रहीं। यह दृश्य भारत-इथियोपिया के रिश्तों में आपसी सम्मान और विश्वास का प्रतीक बन गया। पीएम मोदी ने अदीस अबाबा में 'शानदार स्वागत' की तारीफ़ की और इस खास भाव के लिए धन्यवाद दिया।
इसके बाद संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकजुटता का स्पष्ट और सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा 'हमें आतंक के खिलाफ मिलकर लड़ना होगा। यह मानवता का दुश्मन है और इससे कोई समझौता नहीं किया जा सकता।”मोदी ने कहा कि आतंकवाद न किसी सीमा को मानता है, न किसी धर्म या संस्कृति को, इसलिए इसके खिलाफ लड़ाई भी साझा, सामूहिक और वैश्विक होनी चाहिए। उन्होंने चेताया कि आतंकवाद केवल सुरक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह विकास, शांति और लोकतंत्र के लिए भी गंभीर खतरा है। प्रधानमंत्री ने भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत दशकों से आतंकवाद का सामना करता रहा है और अपने अनुभव दुनिया के साथ साझा करने को तैयार है। उन्होंने इथियोपिया और अन्य अफ्रीकी देशों के साथ सुरक्षा सहयोग, खुफिया जानकारी साझा करने और क्षमता निर्माण पर विशेष जोर दिया। मोदी ने यह भी कहा कि भारत और इथियोपिया के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और मानवीय हैं। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुधारों और वैश्विक मंचों पर ठोस कार्रवाई की जरूरत पर बल दिया। ऐसे समय में जब दुनिया के कई हिस्सों में आतंक और अस्थिरता बढ़ रही है, प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद प्रभावशाली और प्रासंगिक माना जा रहा है। इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारतीय समुदाय ने जोरदार और भावनात्मक स्वागत किया। मंगलवार को होटल पहुंचते ही ‘मोदी-मोदी’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से माहौल गूंज उठा। हाथों में तिरंगे लिए भारतीय समुदाय के लोग लंबे समय से प्रधानमंत्री की एक झलक पाने का इंतजार कर रहे थे।