Monday, 28 Sep 2026

इबोला वायरस: अफ्रीकी देशों में अब तक 160 संदिग्ध मौतें

जिनेवा (23 मई 26)। दुनिया अभी एक संकट से उबरती है कि दूसरा सर उठाने लगता है। दक्षिण अफ्रीकी देशों में जानलेवा इबोला वायरस ने एक बार फिर कोहराम मचा दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस पर गंभीर चिंता जताते हुए चेतावनी जारी की है कि इस प्रकोप को हल्के में लेना एक "बड़ी गलती" साबित हो सकती है।

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वायरस ने बेहद कम समय में भयानक रूप अख्तियार कर लिया है। अब तक 670 संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 160 लोगों की संदिग्ध मौत हो चुकी है। पड़ोसी देश युगांडा में भी दो मामलों की पुष्टि होने के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। WHO के अफ्रीका निदेशक मोहम्मद याकूब ने खुलासा किया है कि वर्तमान में फैल रहा इबोला का यह स्ट्रेन 'बुंडिबुग्यों' (Bundibugyo) नाम का वायरस है। सबसे डराने वाली बात यह है कि इस विशिष्ट वायरस के लिए अभी तक कोई वैक्सीन (टीका) उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रकोप कब तक चलेगा, इसका फिलहाल कोई सटीक अनुमान नहीं लगाया जा सकता।

इबोला एक अत्यंत गंभीर और जानलेवा बीमारी है। इसके फैलने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं: संपर्क: संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक तरल पदार्थों (खून, पसीना आदि) के संपर्क में आने से। दूषित वस्तुएं: संक्रमित व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल की गई चीजों को छूने से। शव: संक्रमण से मरे हुए लोगों के शवों के सीधे संपर्क में आने से खतरा सबसे ज्यादा होता है। इसके मुख्य लक्षणों में तेज बुखार, शरीर में दर्द, उल्टी और दस्त शामिल हैं।





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